बैरसिया क्षेत्र के जंगलों में छापेमारी, हाथ भट्टी शराब और कच्चा माल जब्त
भोपाल जिले में अवैध शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने बैरसिया तहसील के जंगल क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में महुआ लाहन और अवैध शराब जब्त की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ग्राम रतुआ पठार और मनीखेड़ी पठार के वन क्षेत्र में संचालित किए जा रहे अवैध शराब निर्माण ठिकानों पर छापेमारी के दौरान करीब 2500 किलोग्राम महुआ लाहन तथा 5 लीटर हाथ भट्टी शराब बरामद की गई। जिला आबकारी अधिकारी आर. जी. भदौरिया ने बताया कि विभाग को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब तैयार की जा रही है। सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने जंगलों में दबिश देकर अवैध गतिविधियों का खुलासा किया।
क्या होता है महुआ लाहन और क्यों है यह कार्रवाई महत्वपूर्ण?
महुआ लाहन वह किण्वित मिश्रण होता है जिसका उपयोग देसी शराब बनाने के लिए किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बिना किसी गुणवत्ता नियंत्रण के तैयार की जाने वाली हाथ भट्टी शराब स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। कई मामलों में ऐसी शराब में जहरीले तत्व पाए जाते हैं, जिससे गंभीर बीमारियां और मौत तक हो सकती है। यही कारण है कि आबकारी विभाग समय-समय पर ऐसे ठिकानों पर कार्रवाई करता है, ताकि अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ा जा सके और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सात मामलों में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई
छापेमारी के दौरान जब्त किए गए महुआ लाहन और शराब की अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है। विभाग ने इस मामले में सात अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। नियमानुसार जब्त सामग्री के नमूने सुरक्षित रखने के बाद मौके पर ही अवैध लाहन को नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई में वृत्त प्रभारी अर्चना जैन सहित उपनिरीक्षक चंदर सिंह, मनोज दुबे, विवेक सक्सेना और स्वाति बघेल की टीम शामिल रही।
भोपाल में अवैध शराब कारोबार पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2500 किलो महुआ लाहन नष्ट, सात प्रकरण दर्ज
