
गत वर्ष की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि
भोपाल। पश्चिम मध्य रेल ने चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में माल ढुलाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए ओरिजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक के निरंतर मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन में वाणिज्य एवं परिचालन विभाग द्वारा भोपाल सहित तीनों मंडलों में फ्रेट लोडिंग बढ़ाने के लिए लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
दिसंबर 2025 में 7.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी
पश्चिम मध्य रेल ने दिसंबर 2025 माह में 5.36 मिलियन टन प्रारंभिक माल लदान किया, जबकि गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 4.98 मिलियन टन था। इस प्रकार दिसंबर माह में फ्रेट लोडिंग में 7.63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो रेल प्रशासन की प्रभावी रणनीति और बेहतर संचालन व्यवस्था को दर्शाती है।
अप्रैल से दिसंबर 2025 तक 41.44 मिलियन टन माल लदान
चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में अप्रैल से दिसंबर 2025 तक कुल 41.44 मिलियन टन ओरिजिनेटिंग गुड्स लोडिंग की गई है। वहीं, गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 38.75 मिलियन टन था। इस तरह पश्चिम मध्य रेल ने नौ माह में 6.94 प्रतिशत अधिक माल लदान कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
फ्रेट लोडिंग बढ़ाने के लिए किए गए प्रमुख प्रयास
पश्चिम मध्य रेल द्वारा माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए कई स्तरों पर सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं नई रेल लाइन, दोहरीकरण एवं तिहरीकरण जैसे अधोसंरचना कार्यों में तेजी, मालगाड़ियों की औसत गति में वृद्धि, जिससे विभिन्न रेल खंडों की क्षमता बढ़ी, ऑपरेशनल सुधार और इन्फ्रास्ट्रक्चर का उन्नयन, गुड्स टर्मिनलों की वर्किंग में सुधार कर मालगाड़ियों के डिटेंशन में कमी, माल गोदामों में 24×7 लोडिंग और अनलोडिंग सेवाओं की शुरुआत, नए माल गोदामों का विकास एवं पुराने गोदामों का उन्नयन, गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल और साइडिंग के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास, व्यापारियों और ग्राहकों से बेहतर समन्वय स्थापित कर रेलवे की फ्रेट प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से गुड्स ट्रैफिक को आकर्षित करना
आगे भी जारी रहेंगे प्रयास
पश्चिम मध्य रेल ने स्पष्ट किया है कि ओरिजिनेटिंग फ्रेट लोडिंग में उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए किए जा रहे ये प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। रेल प्रशासन का लक्ष्य है कि माल ढुलाई को और अधिक कुशल, तेज और ग्राहक-अनुकूल बनाकर देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया जाए।



