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भोपाल जनसुनवाई: कमाली मंदिर निर्माण विवाद से लेकर एम्स में इलाज की शिकायत तक, 183 आवेदनों पर कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

भोपाल। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कुल 183 आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें जमीन विवाद, नामांतरण, सीमांकन, पेंशन, अवैध निर्माण, उपचार में कथित लापरवाही और आवास संबंधी शिकायतें प्रमुख रहीं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी आवेदनों की सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।

कमाली मंदिर परिसर में निर्माण रोकने की मांग

कमाली मंदिर के महंत रामचंद्रदास जनसुनवाई में पहुंचे और मंदिर ट्रस्ट परिसर में चल रहे कथित अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण को रोकने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों और बिल्डर द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के निर्माण कराया जा रहा है। महंत का कहना है कि इससे मंदिर परिसर की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, भवन में दरारें आने की आशंका है और पेड़ों की कटाई भी की गई है। उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं की जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए शहर एसडीएम दीपक पांडेय को निर्देश दिए।

एम्स के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप

शाहजहानाबाद निवासी राजकुमार ने जनसुनवाई में आवेदन देकर एम्स के एक डॉक्टर पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आंख के संक्रमण के इलाज के दौरान पांच ऑपरेशन किए गए, लेकिन बाद में उनकी आंख निकालनी पड़ी। पीड़ित ने दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई और उचित उपचार की मांग की।

सिंगारचौली के विस्थापितों ने मांगे फ्लैट

एयरपोर्ट रोड स्थित सिंगारचौली झुग्गी बस्ती के कई निवासी भी जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने बताया कि बस्ती हटाने के बाद कुछ परिवारों को भौंरी परियोजना में फ्लैट मिले, जबकि कई पात्र परिवार अभी भी आवास से वंचित हैं। रहवासियों ने दोबारा सर्वे कराकर सभी पात्र परिवारों को फ्लैट आवंटित करने की मांग की।

कलेक्टर ने सभी मामलों में संबंधित विभागों को नियमानुसार जांच कर जल्द निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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