भोपाल, । भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक, जो 3 जून को प्रस्तावित थी, अब तक नहीं हो पाई है, और न ही उसका एजेंडा तय किया गया है। इस देरी को लेकर कांग्रेस पार्षदों में नाराजगी है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर जनहित की अनदेखी और कार्यप्रणाली में लापरवाही का आरोप लगाया है।
वर्षा पूर्व तैयारियों पर मंडरा रहा संकट
बैठक में नालों की सफाई, जलभराव, कचरा प्रबंधन और बिजली रखरखाव जैसे मानसून पूर्व आवश्यक मुद्दों पर चर्चा होनी थी। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि मानसून आने से पहले यह बैठक आवश्यक थी ताकि शहर की तैयारियों की समीक्षा की जा सके। लेकिन 18 दिन बीत जाने के बावजूद बैठक न होना प्रशासनिक निष्क्रियता को दर्शाता है।
कांग्रेस पार्षदों ने जताई तीखी नाराजगी
पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने बताया कि कांग्रेस पार्षद दल बजट, जल-प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धि, और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा करना चाहता है, लेकिन बैठक की तारीख ही अभी तक तय नहीं की गई है।
वहीं, कांग्रेस पार्षद जितेंद्र राजपूत ने कहा कि एजेंडा तय न करना नगर निगम अधिनियम के नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के 85 वार्डों में विकास कार्यों को लेकर चर्चा आवश्यक है।
अध्यक्ष ने प्रस्ताव भेजा, लेकिन प्रक्रिया धीमी
निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने एमआईसी को मीटिंग की तारीख और एजेंडा तय करने का प्रस्ताव भेज दिया है, लेकिन फाइल में कोई हलचल नहीं दिखाई दे रही। शनिवार-रविवार की छुट्टियों के कारण अब अगले सप्ताह तक बैठक टलने की संभावना है।
लगातार तीसरी बार देरी
यह लगातार तीसरी बार है जब नगर निगम परिषद की बैठक में देरी हो रही है। इससे पहले भी कांग्रेस पार्षद निगम आयुक्त से मिलने गए थे, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
भोपाल नगर निगम की बैठक बिना एजेंडा 18 दिन से टली, कांग्रेस पार्षदों ने जताया विरोध
