भोपाल: गांजा और डोडा चूरा तस्करी के दो मामलों में दोषियों को सजा, कोर्ट ने सुनाया कारावास

भोपाल की विशेष एनडीपीएस अदालत ने गांजा और डोडा चूरा तस्करी के दो मामलों में आरोपियों को क्रमशः 7 माह और 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों मामलों में जुर्माना भी लगाया गया।

भोपाल: गांजा और डोडा चूरा तस्करी के दो मामलों में दोषियों को सजा, विशेष अदालत का फैसला

भोपाल। भोपाल की विशेष एनडीपीएस अदालत ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। एक मामले में गांजा तस्करी के आरोपी को 7 माह के सश्रम कारावास और दूसरे मामले में डोडा चूरा तस्करी के आरोपी को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

गांजा तस्करी के आरोपी को 7 माह की सजा

संभागीय जनसंपर्क अधिकारी मनोज त्रिपाठी के अनुसार, विशेष न्यायाधीश एवं 24वें अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. मुकेश मलिक की अदालत ने राजेश शर्मा, निवासी कोलार रोड, भोपाल को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/20 के तहत दोषी पाते हुए 7 माह के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

अभियोजन के अनुसार, थाना कोलार रोड पुलिस को सूचना मिली थी कि गरीब नगर कॉलोनी में एक व्यक्ति लाल रंग के थैले में गांजा लेकर बिक्री कर रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा और उसके पास से 1.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। जांच के बाद उसके खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

डोडा चूरा तस्करी के मामले में 3 वर्ष का कारावास

दूसरे मामले में अदालत ने दानिश पुत्र अनवर खान, निवासी करोंद, भोपाल को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/15 के तहत दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 20,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

अभियोजन के अनुसार, थाना निशातपुरा पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने घर से अवैध रूप से डोडा चूरा का भंडारण और विक्रय कर रहा है। पुलिस ने उसके घर पर छापा मारकर 20 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद किया था।

अभियोजन की प्रभावी पैरवी

दोनों मामलों में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक विक्रम सिंह और मनोज त्रिपाठी ने न्यायालय में साक्ष्य, दस्तावेज और तर्क प्रस्तुत किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

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