भोपाल। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भोपाल, डॉ. प्रभाकर तिवारी ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में उन्होंने विभागीय टीम को यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं की सतत उपलब्धता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना ही विभाग का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। बैठक के दौरान मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ. तिवारी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
अब संभालेंगे वरिष्ठ संयुक्त संचालक का पद
डॉ. तिवारी को शासन द्वारा प्रोन्नत कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश में वरिष्ठ संयुक्त संचालक नियुक्त किया गया है। वे 5 वर्ष पूर्व, जब कोविड-19 महामारी की जटिल परिस्थितियाँ थीं, तब भोपाल सीएमएचओ बनाए गए थे। उनके कार्यकाल में भोपाल जिले ने राज्य और केंद्र स्तर पर कोविड नियंत्रण में सराहनीय उपलब्धियां हासिल कीं। उनके स्थान पर डॉ. मनीष शर्मा को नया सीएमएचओ नियुक्त किया गया है।
कम्युनिटी-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की मिसाल बनी भोपाल की CMHO टीम
बैठक में डॉ. तिवारी ने विशेष रूप से जोर दिया कि कम्युनिटी बेस्ड अप्रोच के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को श्रमिक पीठों, रैन बसेरों, झुग्गी बस्तियों, घरेलू सहायिकाओं, स्वच्छता कर्मचारियों, वृद्धाश्रमों, जेलों, बस स्टैंड कर्मचारियों और समाचार पत्र वितरकों तक पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि इन हितग्राहियों का नियमित फॉलोअप अत्यंत आवश्यक है ताकि सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे।
संजीवनी क्लीनिक और OPD लोड मैनेजमेंट में हुआ विस्तार
डॉ. तिवारी ने जानकारी दी कि पिछले 5 वर्षों में भोपाल में संजीवनी क्लीनिक की संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई है। इन प्राथमिक क्लीनिकों के माध्यम से बड़े अस्पतालों के ओपीडी भार को कम करने के साथ ही स्थानीय लोगों को सामान्य बीमारियों के लिए सहज और त्वरित उपचार मिला है।
AIIMS और GMC से प्रशिक्षण लेकर सेवाओं को मिला बल
उन्होंने बताया कि एम्स, गांधी मेडिकल कॉलेज और निजी मेडिकल संस्थानों के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभाग ने गेटकीपर्स ट्रेनिंग (सुसाइड प्रिवेंशन), डॉग हैंडलर ट्रेनिंग, पेलेटिव केयर, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक किए। इनका लाभ सीधे सेवा गुणवत्ता में दिखाई दिया।
सामाजिक सरोकारों में भी निभाई अहम भूमिका
भोपाल सीएमएचओ कार्यालय ने अंगदान को बढ़ावा देने के लिए न सिर्फ जागरूकता फैलाई बल्कि अंगदान करने वाले परिवारों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत उपचार से स्वस्थ हुए बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल गतिविधियों से जोड़ा गया।
नवाचारों के साथ की सेवाओं की डिजिटल पहुँच
गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से मोबाइल वैन द्वारा आई स्क्रीनिंग, चश्मा वितरण, बुजुर्गों के लिए फिजियोथेरेपी, डेंगू-मलेरिया जागरूकता अभियान, और ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट सिस्टम जैसी पहलें शुरू की गईं। इसके अतिरिक्त, आयुष्मान भारत शिविर, धार्मिक आयोजनों में स्वास्थ्य सेवाएं और विशाल तिरंगा यात्रा जैसे आयोजनों में भी स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भूमिका रही।
राष्ट्रीय आयोजनों में दिया महत्वपूर्ण योगदान
भोपाल स्वास्थ्य विभाग ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा विस्तार, और प्राइवेट स्कूलों में RBSK स्क्रीनिंग जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों और पहलों में अहम योगदान दिया है। जिले की 35 स्वास्थ्य संस्थाओं को National Quality Assurance Standards (NQAS) के अंतर्गत प्रमाणित किया गया है, जिनमें कोलुआ कला स्वास्थ्य केंद्र को देशभर में सर्वोच्च अंक प्राप्त हुए हैं।