भोपाल। अपेक्स बैंक भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों पर राज्य सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कई अहम बयान दिए। मंत्री ने आरोपों को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया।
मंत्री सारंग के प्रमुख बयान:
1. संजय भटनागर मेरे ओएसडी नहीं हैं:
मंत्री विश्वास सारंग ने साफ किया कि संजय भटनागर उनके ओएसडी (विशेष कार्य अधिकारी) नहीं हैं।
2. भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी:
मंत्री सारंग ने कहा कि अपेक्स बैंक में रिक्त पदों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आईबीपीएस (Institute of Banking Personnel Selection, मुंबई) के माध्यम से नियमानुसार आयोजित की गई। यह वही संस्था है जो आरबीआई, नाबार्ड, आरआरबी और अन्य बैंकों की भर्ती प्रक्रिया को संपन्न कराती है।
3. मैरिट के आधार पर चयन:
भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू और लिखित परीक्षा के अंकों को जोड़कर मैरिट बनाई जाती है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल लिखित परीक्षा की मैरिट नहीं बनाई जाती।
4. आरोपों का खंडन:
एमडी मनोज कुमार गुप्ता: मंत्री ने कहा कि प्रथम गुप्ता, एमडी मनोज कुमार गुप्ता के भतीजे नहीं हैं और न ही उनके किसी रिश्तेदार ने परीक्षा में भाग लिया।
एसएन कोरी की बेटी: उन्होंने बताया कि रिटायर्ड ज्वाइंट रजिस्ट्रार एसएन कोरी की बेटी मोना नामक कोई व्यक्ति परीक्षा में शामिल नहीं हुई। उनकी एकमात्र पुत्री सुनीता कोरी हैं, जो विधवा हैं और परीक्षा में भाग लेने की पात्र नहीं हैं।
ओएसडी अरुण मिश्रा: अपेक्स बैंक के ओएसडी अरुण मिश्रा के किसी रिश्तेदार ने इस परीक्षा में भाग नहीं लिया, और संकल्प मिश्रा उनके भतीजे नहीं हैं।
5. भ्रम फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग:
मंत्री सारंग ने कहा कि अपेक्स बैंक भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे और आधारहीन हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी भ्रमात्मक जानकारी पर विश्वास न करें।
भोपाल ब्रेकिंग: अपेक्स बैंक भर्ती मामले में मंत्री सारंग का बड़ा बयान
