भोपाल। शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे भारत माता चौराहा और डिपो चौराहा के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब नगर निगम के टैंकर ने एक एक्टिवा सवार युवक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि युवक सड़क पर गिरकर घायल हो गया और उसकी एक्टिवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल युवक की हालत के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।
डिपो चौराहा-भारत माता चौराहा बनता जा रहा है ‘एक्सीडेंट ज़ोन’
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि डिपो चौराहा और भारत माता चौराहा क्षेत्र में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि इस व्यस्ततम चौराहे पर किसी प्रकार का ट्रैफिक सर्कल या डिवाइडर नहीं है। इससे वाहन बेतरतीब ढंग से एक-दूसरे को काटते हुए निकलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
नगर निगम के वाहन खुद बन रहे हैं खतरा
प्रशासनिक लापरवाही की एक और तस्वीर यह है कि नगर निगम के कई वाहन, जिनकी हालत बेहद जर्जर है, शहर की सड़कों पर चलाए जा रहे हैं। न तो इनकी समय-समय पर तकनीकी जांच होती है, और न ही चालकों पर कोई निगरानी। आज की घटना में भी नगर निगम का टैंकर शामिल रहा, जो इस बात को फिर से उजागर करता है कि सार्वजनिक वाहनों की फिटनेस और संचालन पर कोई ठोस निगरानी नहीं की जा रही है।
स्थानीय लोगों की मांग – जल्द हो सुधार
घटना के बाद आसपास के लोगों ने संबंधित प्रशासन से मांग की है कि:
डिपो चौराहा और भारत माता चौराहा पर ट्रैफिक नियंत्रण हेतु सर्कल या सिग्नल की व्यवस्था की जाए।
नगर निगम के सभी वाहनों की फिटनेस और चालक के दस्तावेजों की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
इस चौराहे को “ब्लैक स्पॉट” घोषित कर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएं।
प्रशासन की जिम्मेदारी तय हो
यह घटना एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक आम नागरिक प्रशासनिक लापरवाही का शिकार होते रहेंगे? नगर निगम के टैंकर जैसे भारी वाहन यदि अनियंत्रित चलाए जाएंगे, तो इसका सीधा खतरा शहरवासियों की जान-माल पर पड़ेगा। जरूरत है कि नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस मिलकर ऐसी जगहों की मैपिंग करें और सुधारात्मक कदम उठाएं।
भारत माता चौराहा पर नगर निगम के टैंकर ने युवक को मारी टक्कर, एक्टिवा क्षतिग्रस्त, अस्पताल में भर्ती – दुर्घटनाओं का अड्डा बनता जा रहा है यह चौराहा
