जितने भी भाजपा के VIP  ठरकी नेता हैं, बाहर आ जाओ, सर्विस मैं दूंगी तुम्हें

उत्तराखंड में आक्रोश: अंकिता भंडारी मामले को लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएँ, CBI जाँच की माँग तेज

देहरादून/ऋषिकेश। “जितने भी भाजपा के ठरकी नेता हैं, बाहर आ जाओ, सर्विस मैं दूंगी तुम्हें”  एक महिला की यह आवाज़ इन दिनों उत्तराखंड की सड़कों पर गूंज रही है। यह कोई सामान्य नारा नहीं, बल्कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर महिलाओं के गुस्से, पीड़ा और आक्रोश की प्रतीक बन चुका है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में महिलाएँ, छात्राएँ और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं।

VIP संस्कृति के खिलाफ जनआक्रोश

प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि अब “VIP बचाओ नीति” नहीं चलेगी। आरोप है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए मामले को कमजोर करने की कोशिशें हुईं। महिलाओं का कहना है कि अंकिता भंडारी सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि उस सिस्टम का आईना है जिसमें रसूखदारों को संरक्षण और पीड़ितों को उपेक्षा मिलती है।

CBI जाँच की सीधी माँग

आंदोलनरत महिलाओं की एक ही माँग है— CBI जाँच। उनका कहना है कि राज्य पुलिस और स्थानीय जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं रहा, क्योंकि शुरुआती जांच से लेकर सबूतों के नष्ट होने तक कई सवाल खड़े हो चुके हैं। “जब तक केंद्रीय एजेंसी जांच नहीं करेगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी,” यह बात हर प्रदर्शन में दोहराई जा रही है।

नारी अस्मिता और सुरक्षा का सवाल

अंकिता भंडारी मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रहा, बल्कि यह नारी सुरक्षा, राजनीतिक संरक्षण और सत्ता की जवाबदेही का बड़ा सवाल बन चुका है। महिलाओं का कहना है कि अगर आज आवाज़ नहीं उठाई गई, तो कल किसी और अंकिता के साथ यही होगा।

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