भोपाल, । अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के अवसर पर एम्स भोपाल नर्सिंग कॉलेज ने “जलवायु परिवर्तन: स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के माध्यम से त्वरित कार्रवाई” विषय पर ऑडियो-विजुअल प्रदर्शनी का आयोजन किया। यह पहल एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य देखभाल में स्थिरता को बढ़ावा देना था।
प्रदर्शनी में नवाचार और स्वास्थ्य देखभाल का संयोजन
प्रदर्शनी में प्रोजेक्टेड और नॉन-प्रोजेक्टेड ऑडियो-विजुअल साधनों का उपयोग किया गया, जिसमें डिजिटल प्रेजेंटेशन, एनीमेशन और इन्फोग्राफिक्स द्वारा जलवायु परिवर्तन का प्रभाव दर्शाया गया। पोस्टर, मॉडल, चार्ट और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से सतत स्वास्थ्य देखभाल समाधान प्रस्तुत किए गए। जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं और उनके समाधानों पर विशेष जोर दिया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन और मुख्य वक्ता
इस आयोजन का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी (डीन, अकादमिक), प्रो. (डॉ.) वैशाली वालके (डीन, परीक्षा), डॉ. सैकत दास (एसोसिएट डीन, नर्सिंग एवं संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान), और डॉ. ममता वर्मा (प्रभारी प्राचार्य, नर्सिंग कॉलेज) द्वारा किया गया।
मुख्य वक्ताओं ने निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी – जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट है, और नर्सिंग छात्रों को इस विषय में जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। डॉ. सैकत दास – सतत स्वास्थ्य देखभाल समाधानों के लिए नीति निर्माण और अंतरविषयक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. ममता वर्मा – प्रदर्शनी के महत्व और इसके प्रभावी समन्वय के लिए सभी प्रतिभागियों को सराहा।इस आयोजन का सफल समन्वय डॉ. लिली पॉडर और श्रीमती गीता भारद्वाज ने किया।
छात्रों और स्वास्थ्य पेशेवरों की उत्साहपूर्ण भागीदारी
प्रदर्शनी में 250 से अधिक स्वास्थ्य पेशेवरों, नर्सिंग छात्रों और अस्पताल के नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया। एम.एससी नर्सिंग प्रथम वर्ष के छात्रों ने क्रिएटिव और इनोवेटिव प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए, जिससे यह प्रदर्शनी शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक बनी।
प्रमुख विषय जो प्रदर्शनी में कवर किए गए:
जलवायु परिवर्तन की अवधारणा और कारण
स्वास्थ्य पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव
जलवायु संकट से निपटने के लिए वैश्विक और राष्ट्रीय कदम
स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों की भूमिका और जिम्मेदारी
पर्यावरण-अनुकूल और सतत स्वास्थ्य देखभाल प्रथाएं
जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य संकट पर प्रो. (डॉ.) अजय सिंह का संदेश
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने इस आयोजन के महत्व पर जोर देते हुए कहा “जलवायु परिवर्तन केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट है। सतत स्वास्थ्य देखभाल प्रथाओं को अपनाने में नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एम्स भोपाल इस प्रदर्शनी के माध्यम से भविष्य के स्वास्थ्य पेशेवरों को इस संकट से निपटने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।”
निष्कर्ष
एम्स भोपाल की यह पहल स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों को जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों के प्रति जागरूक करने और सतत स्वास्थ्य देखभाल समाधान अपनाने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रदर्शनी ने छात्रों, संकाय सदस्यों और विशेषज्ञों को विचारों के आदान-प्रदान और नवाचार पर चर्चा करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।
एम्स भोपाल नर्सिंग कॉलेज में जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य देखभाल में स्थिरता पर केंद्रित ऑडियो-विजुअल प्रदर्शनी
