भोपाल/मध्यप्रदेश। पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की शहादत से देशभर में आक्रोश है। इस हमले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के मध्यप्रदेश छात्र नेता अमन भारद्वाज ने राष्ट्रपति को एक भावनात्मक पत्र लिखते हुए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की है। उन्होंने सेना को खुली कार्रवाई की छूट देने का आग्रह करते हुए कहा कि अब वक्त है कि भारत पाकिस्तान को उसकी हरकतों का करारा जवाब दे।
देश की एकता का परिचय देने के लिए किया ध्वजारोहण, युवाओं से की राष्ट्र के लिए एकजुट होने की अपील
पत्र के साथ ही अमन भारद्वाज ने चौराहे पर राष्ट्रध्वज फहराकर देश की एकता का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, “राष्ट्र और राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ नहीं होता। पाकिस्तान ने पहलगाम में जो कायराना आतंकी हमला किया है, वह केवल एक क्षेत्र पर नहीं बल्कि भारत की आत्मा पर हमला है। इसका जवाब अब इतना तीखा होना चाहिए कि पाकिस्तान दोबारा भारत की ओर देखने की हिम्मत न करे।”
देशभर में 7 मई को नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल, केंद्र सरकार की जागरूकता मुहिम में छात्र नेता की भागीदारी
अमन भारद्वाज ने बताया कि केंद्र सरकार ने 7 मई को पूरे देश में नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) की मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत हर राज्य, जिला, शहर, और गांव में युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों को नागरिक सुरक्षा अभ्यास में शामिल होकर राष्ट्र सेवा के लिए तैयार रहना चाहिए।
POK को भारत में मिलाने की मांग, कहा – यह भारत का अभिन्न अंग है
छात्र नेता भारद्वाज ने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) भारत का अभिन्न हिस्सा है और इसे जल्द से जल्द भारत में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्र की रक्षा के लिए मेरी आहुति भी देनी पड़ी, तो वह मेरे लिए स्वर्ग से भी बढ़कर होगा।
राष्ट्र सर्वोपरि का संदेश – युवाओं को किया प्रेरित
अमन भारद्वाज ने देश और प्रदेश के सभी युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने निजी हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत को अपनाएं। उन्होंने कहा, “अगर राष्ट्र की रक्षा के लिए हमें अपना जीवन भी देना पड़े, तो वह सौभाग्य होगा। मातृभूमि के लिए बलिदान ही सच्ची सेवा है।”
अभाविप छात्र नेता अमन भारद्वाज ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर की सेना को खुली छूट देने की मांग, कहा – देशहित से बड़ा कुछ नहीं
