जीतो एमपी-सीजी जोन एवं भोपाल चैप्टर द्वारा दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन, शिक्षा-व्यापार और राष्ट्र निर्माण पर होगी चर्चा

भोपाल। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) एमपी-सीजी जोन एवं जीतो भोपाल चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में 12 और 13 जुलाई को दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन भोपाल स्थित होटल कोर्टयार्ड मैरियट, एमपी नगर में होने जा रहा है। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण जैसे प्रमुख विषयों पर सकारात्मक विमर्श और कार्ययोजना तैयार करना है।

कार्यक्रम का उद्देश्य और प्रमुख विषय

जीतो संवाद के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे व्यवसायियों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों को एक साझा मंच प्रदान किया जाएगा, जहाँ वे न केवल विचार साझा करेंगे, बल्कि व्यापार संवर्धन, अहिंसा, जीवदया एवं पर्यावरण संरक्षण पर भी ठोस कार्य योजना तैयार करेंगे।

जीतो भोपाल चेप्टर के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत जैन एवं सचिव सीए वैभव चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन इंटरनेशनल स्तर की संस्था जीतो द्वारा सामाजिक समरसता और सेवा भावना के साथ किए जा रहे कार्यों की निरंतरता में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस संवाद कार्यक्रम में जीतो के कई राष्ट्रीय और ज़ोनल स्तर के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे, जिनमें प्रमुख रूप से:

पृथ्वीराज कोठारी, राष्ट्रीय चेयरमैन

विजय भंडारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष

ललित दांगी, राष्ट्रीय महामंत्री

हितेंद्र मेहता, एमपी-सीजी जोन अध्यक्ष

दिलीप जैन, जोनल सचिव


इनके साथ प्रदेशभर से जीतो के प्रतिनिधि, उद्यमी, युवा उद्यमी एवं समाजसेवी भी संवाद का हिस्सा बनेंगे।

प्रारंभिक कार्यक्रम एवं चर्चा बिंदु

कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत 12 जुलाई को सुबह 10:30 बजे होगी। दो दिवसीय संवाद के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी:

शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में समाज की भूमिका

व्यवसाय में नैतिकता और सतत विकास

अहिंसा, जीवदया एवं पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं

राष्ट्र निर्माण और युवाओं की भागीदारी

एमपी-सीजी क्षेत्र में व्यापार विस्तार की संभावनाएं


जीतो का विजन: सेवा, समर्पण और समृद्धि

जीतो संस्था वर्षों से जैन समाज सहित समस्त समाज के लिए व्यापारिक विकास, शैक्षिक प्रोत्साहन और सामाजिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रही है। संवाद जैसे आयोजनों से न केवल नेटवर्किंग का अवसर मिलता है, बल्कि नीति निर्धारण और क्रियान्वयन की दिशा में सार्थक प्रयास भी होते हैं।

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