
विचार, साहित्य और कला के उत्सव के लिए सजेगा भोपाल
भोपाल। झीलों की नगरी भोपाल एक बार फिर विचार, साहित्य, कला और संस्कृति के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संवाद का केंद्र बनने जा रही है। भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (Bhopal Literature and Art Festival – BLF 2026) का आठवां संस्करण 9 से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन की जानकारी फेस्टिवल डायरेक्टर राघव चंद्रा ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
देश-विदेश के दिग्गज एक मंच पर
प्रेस वार्ता में राघव चंद्रा ने बताया कि तीन दिवसीय यह फेस्टिवल भारत और विदेशों से आए प्रतिष्ठित लेखकों, विचारकों, कलाकारों, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाएगा। उन्होंने कहा कि बीएलएफ का उद्देश्य भोपाल को एक सशक्त सांस्कृतिक और बौद्धिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। फेस्टिवल के दौरान लेखक संवाद, परिचर्चाएं, पुस्तक विमोचन, कला प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
समृद्ध बौद्धिक विमर्श के विषय
फेस्टिवल के सत्रों में भारत की सभ्यतागत यात्रा, वैश्विक राजनीति और संघर्ष, भारत-चीन संबंध, संवैधानिक मूल्य, तकनीकी शासन प्रणाली, पर्यावरणीय संकट, जनजातीय इतिहास, महिला नेतृत्व, सिनेमा और जन-संस्कृति तथा लोकतंत्र के भविष्य जैसे समसामयिक और विचारोत्तेजक विषयों पर गहन चर्चा होगी। इन सत्रों में विलियम डैलरिम्पल, अश्विन सांघी, नीरा चांधोके, साल्वातोरे बाबोनेस, गौतम मुखोपाध्याय, सैयद अकबरुद्दीन, सुजान चिनॉय, अशोक के. कंथा और प्रोबल दासगुप्ता जैसे प्रमुख वक्ता सहभागिता करेंगे।
ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर का आयोजन
फेस्टिवल के अंतर्गत भारत भवन द्वारा ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर 2026 का आयोजन किया जाएगा। इसमें 10 राज्यों से 60 से अधिक आदिवासी कलाकार भाग लेंगे। गोंड, बैगा, भील, पिथोरा, वारली और भारिया चित्रकला के साथ-साथ बांस, लकड़ी और लोहे के शिल्प प्रदर्शित किए जाएंगे। इस वर्ष गोंडना और मुरिया जैसी दुर्लभ कला परंपराओं पर विशेष फोकस रहेगा।
युवाओं के लिए रचनात्मक मंच
युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा द्वारा विशेष कार्यशालाएं आयोजित होंगी। वहीं ‘यंगरंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए कहानी-कथन, चित्रकला और कविता प्रतियोगिताएं रखी जाएंगी। इसके साथ ही दास्तान-ए-गुरु दत्त, काव्यराग, शाम-ए-कलाम और दास्तान-ए-शंकर जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। इसके अतिरिक्त आधुनिक कला दीर्घा में पद्मश्री दुर्गा बाई व्याम की कलाकृतियों की विशेष प्रदर्शनी भी दर्शकों को आकर्षित करेगी।
निष्कर्ष:
भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल 2026 न केवल साहित्य और कला का उत्सव है, बल्कि यह विचारों के संवाद, सांस्कृतिक विविधता और बौद्धिक चेतना को सशक्त करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।



