महर्षि मैत्री क्रिकेट-6 प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

संस्कृत उद्घोष, धोती-कुर्ता में खेलते खिलाड़ी बने आकर्षण

भोपाल। भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और खेल भावना के अद्भुत संगम का साक्षी बना भोपाल, जहाँ महर्षि मैत्री क्रिकेट-6 प्रतियोगिता का भव्य, गरिमामय एवं पारंपरिक वातावरण में शुभारंभ हुआ। इस अनूठी प्रतियोगिता में संस्कृत भाषा में उद्घोषणा और धोती-कुर्ता धारण कर मैदान में उतरते खिलाड़ियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

संस्कृत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षाविद रहे उपस्थित

उद्घाटन सत्र में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल के डायरेक्टर प्रो. हंसधर झा एवं डिप्टी डायरेक्टर प्रो. गोविन्द पांडेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने संस्कृत, वैदिक परंपरा और भारतीय मूल्यों से जुड़े इस अभिनव आयोजन की सराहना करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

उद्घाटन दिवस के मुकाबलों के परिणाम

उद्घाटन दिवस पर खेले गए पहले मुकाबले में पाणिनि गुरुकुल ने मां शशी गुरुकुल को पराजित किया। इस मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दीपेश को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
दूसरे मुकाबले में गांधी नगर टीम ने हिंगलाज टीम को हराया। इस मैच में शानदार खेल के लिए मयंक को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

27 टीमें ले रहीं हिस्सा, देशभर से सहभागिता

इस प्रतियोगिता में कुल 27 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें प्रमुख रूप से पाणिनि गुरुकुल, मां शशी गुरुकुल, गांधी नगर, हिंगलाज, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली, रामटेक (नागपुर), उज्जैन, इंदौर, जबलपुर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, बाड़ी, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, गुना एवं भोपाल की विभिन्न टीमें शामिल हैं।

संस्कृत में उद्घोषणा और पारंपरिक वेशभूषा बनी पहचान

प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी मैचों की उद्घोषणा पूर्णतः संस्कृत भाषा में की जा रही है, सभी खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहनकर मैदान में उतर रहे हैं। इससे भारतीय संस्कृति और खेल का एक दुर्लभ व प्रेरणादायक संगम देखने को मिल रहा है। प्रतियोगिता में प्रतिदिन 5 मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि फाइनल मुकाबला 9 जनवरी को आयोजित होगा।

पुरस्कार और सम्मान

विजेता टीम को 25,000 रुपए नकद पुरस्कार एवं सील्ड पुराण प्रदान किया जाएगा। मैन ऑफ द मैच खिलाड़ियों को संस्कृत से संबंधित पुस्तकें एवं ग्रंथ भेंट किए जाएंगे।


संस्कृत और वैदिक परंपरा के प्रचार का संकल्प

इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य संस्कृत भाषा, वैदिक परंपरा और शास्त्रों के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है।

आयोजन और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस प्रतियोगिता के संयोजक मध्यप्रदेश परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पंडित विष्णु राजौरिया हैं। आयोजन वैदिक ब्राह्मण युवा कल्याण समिति, भोपाल द्वारा किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष: पंडित अभिषेक दुबे, सचिव: अंकुर पाण्डेय, कोषाध्यक्ष: अवनीश त्रिवेदी , सहित अभिषेक सुनील उपाध्याय ने सक्रिय भूमिका निभाई।


कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग की उपस्थिति से खिलाड़ियों का उत्साह दोगुना हो गया। मंत्री सारंग ने स्वयं मैदान में उतरकर चौके-छक्के लगाते हुए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। वहीं विधायक भगवान दास सबनानी ने भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। इसके अलावा ब्राह्मण समाज अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी एवं हिंदू उत्सव समिति उपाध्यक्ष बच्चन आचार्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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