भोपाल। पश्चिम मध्य रेल (WCR) भोपाल मंडल ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए चालू वित्तीय वर्ष में बड़ा राजस्व अर्जित किया है। मंडल रेल प्रबंधक श्री पंकज त्यागी के मार्गदर्शन और वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया के निर्देशन में यात्री ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर लगातार चलाए गए टिकट जांच अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अप्रैल से दिसंबर 2025 तक (वित्तीय वर्ष के नौ माह) चले विशेष और नियमित टिकट चेकिंग अभियानों के दौरान कुल 4.75 लाख मामलों को पकड़ा गया। इन मामलों में बिना टिकट यात्रा, अनबुक्ड लगेज तथा अनियमित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्री शामिल थे। इनसे अतिरिक्त किराया और जुर्माने के रूप में कुल 30 करोड़ 48 लाख रुपये का राजस्व रेलवे को प्राप्त हुआ है।
दिसंबर 2025 में ही 3.77 करोड़ रुपये की वसूली
यदि केवल दिसंबर 2025 की बात करें, तो भोपाल मंडल के टिकट निरीक्षकों (TTE/CTE) ने विशेष जांच अभियान के तहत 58,732 मामलों को पकड़ा। इस एक महीने में ही रेलवे ने यात्रियों से 3 करोड़ 77 लाख रुपये का जुर्माना वसूला, जो यह दर्शाता है कि बिना टिकट और नियमों के उल्लंघन की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने में अभियान प्रभावी रहा है।
वाणिज्य विभाग और RPF का संयुक्त अभियान
रेल प्रशासन के अनुसार, यह सफलता वाणिज्य विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के बेहतर समन्वय का परिणाम है। ट्रेनों, प्लेटफार्मों और स्टेशनों पर औचक जांच के साथ-साथ संवेदनशील सेक्शनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि ईमानदार यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
यात्रियों से अपील
पश्चिम मध्य रेल भोपाल मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा उचित और वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। बिना टिकट या अनियमित टिकट पर यात्रा करने से न केवल आर्थिक दंड का सामना करना पड़ता है, बल्कि यात्रा के दौरान अनावश्यक असुविधा भी हो सकती है।
टिकट जांच में 9 माह में 4.75 लाख मामले, 30.48 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जन
