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पटाखे विवाद में 22 वर्षीय युवक की मौत, पुलिसकर्मी पत्नी पर भी कार्रवाई की मांग

भोपाल । मध्य प्रदेश के अंबेडकर नगर थाना क्षेत्र के कमला नगर से एक बेहद दर्दनाक और आक्रोश पैदा करने वाला मामला सामने आया है। 31 दिसंबर की रात पटाखे चलाने को लेकर हुए मामूली विवाद ने एक युवक की जान ले ली। 22 वर्षीय युवक पर फरसी और डंडों से सिर पर जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल युवक चार दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। पटाखे विवाद से शुरू हुआ जानलेवा हमला
जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर की रात युवक पटाखे चला रहा था, इसी दौरान पड़ोसियों से उसका विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने युवक पर फरसी और डंडों से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। युवक की हालत मौके पर ही बेहद गंभीर हो गई। बताया जा रहा है कि युवक की मां पहले ही नहीं है और वह बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखता था। चार दिन अस्पताल में चला इलाज, फिर मौत
हमले के बाद परिजन युवक को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां वह चार दिन तक वेंटिलेटर पर रहा। डॉक्टरों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन सिर में गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। बुधवार को इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।

चक्का जाम और धरना प्रदर्शन
युवक की मौत की खबर फैलते ही रिश्तेदारों और स्थानीय रहवासियों में गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग अंबेडकर नगर चौराहे पर जमा हो गए और चक्का जाम कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिसकर्मी पत्नी पर भी गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के दौरान मुख्य आरोपी की पत्नी, जो स्वयं एक पुलिस कर्मी है, वर्दी में मौके पर आई थी। आरोप है कि वह गाड़ी से पहुंची और हमलावरों को रोकने के बजाय युवक को और मारने में शामिल रही। लोगों का कहना है कि यदि वह वर्दी में थी और उसने अपराध रोकने की बजाय सहयोग किया, तो वह भी बराबर की दोषी है और उस पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, किसी भी आरोपी को पुलिस संरक्षण न मिले और पुलिसकर्मी पत्नी की भूमिका की भी गहराई से जांच हो। उनका कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, चाहे आरोपी आम नागरिक हो या वर्दीधारी।

प्रशासन पर दबाव
घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी गई। प्रशासन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में सभी दोषियों को सजा मिलेगी या फिर मामला दबा दिया जाएगा।

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