
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत रतलाम और गुना जिलों में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 26 लाख रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ और वाहन जब्त किए हैं। इन कार्रवाइयों से ड्रग्स माफिया में हड़कंप मच गया है।
रतलाम में MDMA ड्रग्स तस्करी पर बड़ी कार्रवाई
रतलाम जिले की चौकी ढोढर पुलिस ने मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर कलालिया फंटा, ढोढर क्षेत्र में घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 200 ग्राम MDMA (सिंथेटिक ड्रग) बरामद की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मादक पदार्थ को विधिवत जब्त कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी शहर और आसपास के क्षेत्रों में ड्रग्स की सप्लाई करने की फिराक में था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है और ड्रग्स की आपूर्ति कहां से की जा रही थी।
गुना में अंतरराज्यीय स्मैक तस्करी का पर्दाफाश
वहीं, गुना जिले के थाना मृगवास पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान से स्मैक की तस्करी कर रहे दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 51.50 ग्राम स्मैक, एक मोटरसाइकिल, और कुल मिलाकर 6 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी राजस्थान से मध्यप्रदेश में स्मैक की सप्लाई कर रहे थे। गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब ड्रग्स सप्लाई चेन और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नशा मुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में सख्त कदम
मध्यप्रदेश पुलिस का कहना है कि ड्रग्स तस्करी, नशे के अवैध कारोबार और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले नेटवर्क
के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं नशे के कारोबार से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। इन कार्रवाइयों को मध्यप्रदेश पुलिस ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई, MDMA ड्रग्स जब्ती, और अंतरराज्यीय स्मैक तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।



