दीपावली के बाद ही जागेगा निगम, सीलिंग की कार्रवाई फिर टली

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद दो महीने से ठंडे बस्ते में अभियान; 23 नवंबर को पेश करनी है कार्रवाई की रिपोर्ट, 62,500 प्रतिष्ठानों की पहचान के बाद भी अब तक गिनती की कार्रवाई
भोपाल, 30 अक्टूबर। आवासीय कॉलोनियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने और ऐसे प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई नगर निगम में एक बार फिर टल गई है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के बावजूद करीब दो महीने से यह अभियान ठंडे बस्ते में पड़ा है। निगम ने 30 अक्टूबर से सभी जोनों को 50-50 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई का लक्ष्य दिया था, लेकिन तय तारीख पर भी अभियान शुरू नहीं हो सका। अब अधिकारियों का कहना है कि दीपावली का त्योहार निकलने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने 23 सितंबर को हुई सुनवाई में आवासीय कॉलोनियों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने और इसकी पूरी जानकारी आगामी 23 नवंबर को होने वाली सुनवाई में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। निगम के सामने अब सवाल यह है कि बचे हुए समय में इतनी बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कैसे पूरी होगी।
दो बार फटकार के बाद भी नहीं बनी रफ्तार
आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सीलिंग अभियान जुलाई में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू किया गया था। कार्रवाई के विरोध में व्यापारी और रहवासी आमने-सामने आ गए थे। व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिसके बाद निगम ने अभियान रोक दिया था। इस पर 5 अगस्त की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने निगम अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई और कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। इसके दो दिन बाद निगम ने फिर अभियान शुरू किया। पहले प्रतिष्ठानों का चिन्हांकन किया गया, फिर नोटिस जारी कर कुछ दिनों तक सीलिंग की कार्रवाई भी हुई। लेकिन धीरे-धीरे अभियान की गति फिर धीमी पड़ गई। इसके बाद 23 सितंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने और सख्ती दिखाते हुए सभी आवासीय कॉलोनियों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने और 23 नवंबर को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
62,500 प्रतिष्ठानों की पहचान, कार्रवाई अब भी सीमित
नगर निगम ने शहर में करीब 62 हजार 500 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चिन्हित किया है। इनमें से करीब 60 हजार प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई प्रस्तावित बताई गई है। इसके बावजूद 23 सितंबर के निर्देश के बाद अब तक करीब 20 कार्रवाई ही होने की जानकारी है। वहीं, इससे पहले लगभग एक महीने चले अभियान में करीब 300 प्रतिष्ठानों को सील किया गया था। अभियान बंद होते ही इनमें से कई प्रतिष्ठानों के दोबारा खुलकर संचालित होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पहले की कार्रवाई का असर भी कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। अब दीपावली के बाद अभियान शुरू करने की बात कही जा रही है, जबकि 23 नवंबर की सुनवाई में रिपोर्ट पेश करने के लिए निगम के पास समय सीमित है।





