डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से देश के माल परिवहन को मिल रही नई गति

2,843 किमी के नेटवर्क से तेज और अधिक क्षमता वाली माल ढुलाई, जेएनपीटी तक WDFC का पूरा परिचालन
भोपाल। भारत के माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के संचालन से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) द्वारा विकसित यह नेटवर्क देश के प्रमुख औद्योगिक, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को तेज, विश्वसनीय और ऊर्जा-कुशल रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहा है।
DFC का उद्देश्य केवल अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि माल परिवहन की गति, क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाना है। रेलवे नेटवर्क के करीब 4 प्रतिशत हिस्से पर 14 प्रतिशत से अधिक माल परिवहन संभालने की क्षमता इसकी उत्पादकता को दर्शाती है।
2,843 किमी का उच्च क्षमता वाला नेटवर्क
DFC नेटवर्क में 1,337 किमी लंबा ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) शामिल है, जो पंजाब के न्यू साहनेवाल से बिहार के न्यू सोननगर तक है। वहीं 1,506 किमी लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) उत्तर प्रदेश के न्यू दादरी से महाराष्ट्र के न्यू जेएनपीटी तक फैला है।
दोनों कॉरिडोर मिलकर करीब 2,843 किमी लंबा समर्पित माल रेल नेटवर्क बनाते हैं। यह औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादन केंद्रों, बाजारों और बंदरगाहों के बीच माल की आवाजाही को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
जेएनपीटी तक पूरा हुआ WDFC
DFC परियोजना में महत्वपूर्ण उपलब्धि 31 मार्च 2026 को हासिल हुई। इस दिन करीब 102 किमी लंबे वैतरणा–जेएनपीटी सेक्शन का काम पूरा हुआ। इसके साथ ही पूरा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परिचालन में आ गया।
जेएनपीटी तक कॉरिडोर पहुंचने से मालगाड़ियों का निर्बाध संचालन संभव हुआ है। डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनों के संचालन से एक ट्रेन में अधिक मात्रा में कंटेनरीकृत माल ले जाना संभव है। इससे माल ढुलाई की क्षमता और उत्पादकता बढ़ती है।
31 अगस्त तक 5.21 लाख मालगाड़ी ट्रिप
DFC के बढ़ते उपयोग का अंदाजा इसके परिचालन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 31 अगस्त 2026 तक DFCCIL नेटवर्क पर करीब 5.21 लाख मालगाड़ी ट्रिप संचालित की जा चुकी हैं। नेटवर्क पर प्रतिदिन औसतन करीब 435 मालगाड़ियां चल रही हैं।
इन परिचालनों से करीब 658 बिलियन ग्रॉस टन किलोमीटर (GTKM) का फ्रेट प्रदर्शन दर्ज किया गया है। वहीं करीब 360 बिलियन नेट टन किलोमीटर (NTKM) का माल परिवहन प्रदर्शन दर्ज हुआ है।
यात्री ट्रेनों को भी मिलेगा फायदा
DFC का एक प्रमुख उद्देश्य मालगाड़ियों को यात्री ट्रेनों के लिए इस्तेमाल होने वाले व्यस्त पारंपरिक रेल मार्गों से अलग करना है। इससे मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर भीड़ कम होगी और यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सकेगी।
मालगाड़ियों के लिए समर्पित मार्ग मिलने से यात्री ट्रेनों के समयपालन में सुधार और भविष्य में अतिरिक्त यात्री सेवाएं शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
इसके अलावा DFC नेटवर्क को गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक क्लस्टर, बंदरगाह और सड़क नेटवर्क से जोड़ने से देश की सप्लाई चेन को और तेज, कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।





