भोपाल स्थित Regional Science Centre Bhopal में आयोजित “अवकाश रचनात्मक विज्ञान कार्यशाला 2026” के अंतर्गत तीन दिवसीय “स्काई राइडर्स – एयरोमॉडलिंग कैम्प” और “रोबो बिल्डर्स बूटकैंप” का सफल समापन हुआ। 19 से 21 मई तक आयोजित इन कार्यशालाओं में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर विज्ञान और तकनीक के व्यावहारिक प्रयोगों को करीब से समझा।
एयरोमॉडलिंग कैम्प में सीखे उड़ान विज्ञान के सिद्धांत
“स्काई राइडर्स – एयरोमॉडलिंग कैम्प” में प्रतिभागियों को एयरोडायनामिक्स और उड़ान विज्ञान की बुनियादी अवधारणाओं से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं ली, बल्कि स्वयं विभिन्न प्रकार के एयरोमॉडल भी तैयार किए।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने—
ग्लाइडर
लूप हूपस्टर
स्क्वायर हूपस्टर
रोटो कॉप्टर
पेपर एरोप्लेन लॉन्चर
जैसे मॉडल बनाए और उनकी टेस्ट फ्लाइट भी की। प्रशिक्षकों ने उन्हें बताया कि हवा का दबाव, संतुलन और डिजाइन किसी भी उड़ान मॉडल की सफलता में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रोबोटिक्स बूटकैंप में तैयार किए स्मार्ट रोबोट
दूसरी ओर “रोबो बिल्डर्स बूटकैंप” में विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स की मूलभूत तकनीकों को समझते हुए विभिन्न प्रकार के रोबोट तैयार किए। विशेष रोबोटिक्स किट की मदद से बच्चों ने सेंसर, मोटर और बेसिक प्रोग्रामिंग का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रतिभागियों ने जिन मॉडलों का निर्माण किया, उनमें शामिल हैं—
हैंड जनरेटर कार
कैटर बॉट
लाइन फॉलोइंग रोबोट
बेसबॉल बैटर बॉट
क्लिफ अवॉइडर रोबोट
फॉलो-मी रोबोट
इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह समझा कि रोबोट कैसे सेंसर की सहायता से वातावरण को पहचानते हैं और निर्देशों के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं।
विज्ञान शिक्षा को प्रयोगात्मक बनाने पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां पारंपरिक कक्षा आधारित शिक्षा से आगे बढ़कर विद्यार्थियों में समस्या समाधान क्षमता, नवाचार और तकनीकी समझ विकसित करती हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) आधारित प्रयोगात्मक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
Regional Science Centre Bhopal लगातार ऐसी कार्यशालाओं के माध्यम से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास कर रहा है। विज्ञान केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी अंतरिक्ष विज्ञान, रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पर्यावरण विज्ञान जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सक्रिय सहभागिता और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने कार्यशालाओं को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भोपाल विज्ञान केंद्र में एयरोमॉडलिंग और रोबोटिक्स कार्यशालाओं का समापन, विद्यार्थियों ने बनाए ड्रोन और रोबोट मॉडल
