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आस्था की आड़ में सबसे बड़ा धोखा, ‘हिंदू धर्म के ठेकेदारों’ की सच्चाई उजागर : संगीता शर्मा

ट्रिपल इंजन भाजपा सरकार में गोमांस का धंधा बेनकाब
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के स्लॉटर हाउस से 26 टन मांस में गोमांस की पुष्टि के बाद सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री संगीता शर्मा ने भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे न सिर्फ प्रशासनिक विफलता बताया, बल्कि भाजपा के कथित गौ-प्रेम और हिंदू आस्था की राजनीति को सबसे बड़ा धोखा करार दिया है।

‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की पोल खुली

कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा ने कहा कि भोपाल नगर निगम, मध्यप्रदेश सरकार और केंद्र, तीनों जगह भाजपा की सत्ता है। इसके बावजूद राजधानी में इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित गोमांस का भंडारण और संचालन होना इस बात का प्रमाण है कि या तो प्रशासन पूरी तरह नाकाम है, या फिर सब कुछ जानबूझकर अनदेखा किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा स्वयं को गौ-संरक्षण और हिंदू आस्था का सबसे बड़ा ठेकेदार बताती है, तो फिर ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं? क्या इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों, नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को नहीं थी?

नारे आस्था के, धंधा गौहत्या का

सुश्री शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति दोहरी मानसिकता पर आधारित है। एक ओर मंचों से गौ-रक्षा और सनातन संस्कृति की बातें की जाती हैं, दूसरी ओर जमीनी स्तर पर गोमांस का संगठित कारोबार फल-फूल रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए आस्था केवल वोट बटोरने का माध्यम है। असलियत यह है कि नारे हिंदू धर्म के लगाए जाते हैं और धंधा गौहत्या का चलता है।

जिम्मेदारी तय हो, कार्रवाई क्यों नहीं?

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी पूछा कि इतने बड़े मामले में अब तक जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या यह मामला केवल निचले कर्मचारियों तक सीमित कर दिया जाएगा, या फिर सत्ता से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच होगी?

जनभावनाओं से खिलवाड़ का आरोप

कांग्रेस ने इसे हिंदू समाज की आस्था से सीधा खिलवाड़ बताया है। संगीता शर्मा ने कहा कि भाजपा वर्षों से गौ-रक्षा के नाम पर राजनीति करती रही है, लेकिन भोपाल का यह मामला उसकी कथनी और करनी के अंतर को उजागर करता है।

निष्पक्ष जांच की मांग

कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि दोषियों को राजनीतिक संरक्षण से मुक्त कर सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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