भोपाल: अघोषित बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर के विरोध में रातीबड़ बिजली कार्यालय का घेराव, युवा कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

भोपाल के रातीबड़ विद्युत कार्यालय पर युवा कांग्रेस ने अघोषित बिजली कटौती, बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रदर्शन किया। सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

भोपाल में अघोषित बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर के विरोध में रातीबड़ विद्युत कार्यालय का घेराव, युवा कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

भोपाल। अघोषित बिजली कटौती, बढ़े हुए बिजली बिल और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस ने मंगलवार को रातीबड़ विद्युत कार्यालय का घेराव किया। युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष (भोपाल ग्रामीण) प्रिंस सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और किसान विद्युत कार्यालय पहुंचे तथा मुख्य अभियंता, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के नाम ज्ञापन सौंपा।

बिजली कटौती और बढ़े हुए बिलों का उठाया मुद्दा

प्रदर्शन के दौरान प्रिंस सिंह ने आरोप लगाया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पूर्व सूचना के कई-कई घंटे बिजली कटौती की जा रही है। साथ ही उपभोक्ताओं को मनमाने और अधिक राशि वाले बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे आम नागरिक और किसान परेशान हैं।

उन्होंने बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली में सुधार और उपभोक्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।

ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें

युवा कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन और बिजली कंपनी के समक्ष कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—

– अघोषित बिजली कटौती और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
– पिछले तीन महीनों में जारी विवादित एवं अधिक राशि वाले बिजली बिलों की पुनः जांच (री-ऑडिट) कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
– भोपाल में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए।
– जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उनकी शिकायतों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

प्रिंस सिंह ने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर लिखित रूप से उचित कार्रवाई नहीं की गई तो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नागरिकों और किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन, चक्का जाम और बिजली कार्यालयों के घेराव जैसे कार्यक्रम आयोजित करेगी।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था या अन्य किसी भी प्रकार की परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

नोट: समाचार में बिजली कंपनी के संबंध में लगाए गए आरोप प्रदर्शनकारियों के दावों और ज्ञापन पर आधारित हैं। संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जा सकता है।

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