
सतना । मध्यप्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और विधायक अजय सिंह ‘राहुल भैया’ ने मंच से खुलकर स्वीकार किया कि पार्टी में गुटबाजी कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़े नेता आपस में लड़ते रहते हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं को इससे बचना चाहिए।
अजय सिंह का बड़ा बयान:
“गुटबाजी से कार्यकर्ताओं को कोई फायदा नहीं, वे संगठन मजबूत करने पर ध्यान दें।” “मुझे सतना में हराने वालों में वे लोग भी शामिल थे, जो आज यहां मौजूद हैं।” “कांग्रेस के भीतर हमेशा से गुटबाजी रही है, लेकिन इससे बचना जरूरी है।”
कांग्रेस में आंतरिक कलह पर फिर उठा सवाल
अजय सिंह के इस बयान ने कांग्रेस के अंदर जारी खींचतान और गुटबाजी को फिर उजागर कर दिया है। इससे पहले भी पार्टी में कई बार गुटबाजी की खबरें सामने आ चुकी हैं, जिससे कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
क्या 2028 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में फिर होंगे बदलाव?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर कांग्रेस ने आंतरिक कलह को नहीं सुलझाया, तो आगामी चुनावों में पार्टी को नुकसान हो सकता है। अजय सिंह का बयान पार्टी के अंदर असंतोष को दर्शाता है, जिसे कांग्रेस नेतृत्व को गंभीरता से लेना होगा।





