30 लाख सैलरी और 5 कोठियों के मालिक को पत्नी ने अनाथ आश्रम छोड़ा

आज के समय में रिश्तों की मजबूती पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई एक हृदयविदारक घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या परिवार और विवाह केवल सुविधा और कमाई तक सीमित रह गए हैं? एक व्यक्ति, जो कभी 30 लाख रुपये सालाना कमाता था और जिसके पास 5 कोठियां थीं, पैरालिसिस का शिकार होने के बाद अपनी ही पत्नी द्वारा अनाथ आश्रम में छोड़ दिया गया।

कहा जाता है कि जब कोई पुरुष कमा रहा होता है, तो वह पत्नी और बच्चों के लिए दिन-रात एक कर देता है। अपनी सेहत, इच्छाओं और सुख-सुविधाओं की परवाह किए बिना परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने में जुटा रहता है। लेकिन जैसे ही वही इंसान किसी बीमारी या लाचारी का शिकार होता है, तो कई बार रिश्तों की असलियत सामने आ जाती है।

इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति एक बड़े पद पर कार्यरत था और सालाना लगभग 30 लाख रुपये की सैलरी कमाता था। उसके पास कई कीमती संपत्तियां भी थीं। अचानक पैरालिसिस होने के बाद वह पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हो गया। इलाज, देखभाल और समय की जरूरत बढ़ी, लेकिन यहीं से उसके जीवन में सबसे बड़ा दर्द शुरू हुआ।

आरोप है कि उसकी पत्नी और परिवार ने उसे अपनाने के बजाय अनाथ आश्रम में छोड़ दिया। यह घटना न केवल पारिवारिक संवेदनाओं पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज के उस चेहरे को भी दिखाती है जहां इंसान की कीमत उसकी कमाई से आंकी जाती है।

समाज में बहस:
यह दुखभरी घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग पूछ रहे हैं—क्या शादी और परिवार सिर्फ सुख के लिए होते हैं? क्या बीमारी और लाचारी में साथ निभाना अब रिश्तों का हिस्सा नहीं रहा? यह मामला हमें सोचने पर मजबूर करता है कि रिश्तों की असली परीक्षा अच्छे वक्त में नहीं, बल्कि बुरे समय में होती है।

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