सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति अपनी शादीशुदा जिंदगी की व्यथा कैमरे के सामने बयां करता नजर आ रहा है। वीडियो में व्यक्ति भावुक होकर कहता है कि वह रात की ड्यूटी से घर लौटा, लेकिन घर पहुंचते ही उसकी पत्नी ने उससे लड़ाई शुरू कर दी। इस वीडियो ने एक बार फिर पति उत्पीड़न, वैवाहिक तनाव और पुरुष अधिकारों को लेकर देशभर में बहस छेड़ दी है।
क्या है वायरल वीडियो में दावा?
वीडियो में व्यक्ति कहता है ki देश में आज महिलावादी युग चल रहा है, इसलिए शादी का फैसला बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। इसमें खतरा भी हो सकता है और नहीं भी। उसका आरोप है कि शादी के बाद पुरुष की हालत बेहद खराब हो जाती है, और कई मामलों में वह मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनता है। व्यक्ति का दावा है कि भारत में हर तीसरा पुरुष अपनी पत्नी से पीड़ित है, जबकि हर दूसरा पुरुष किसी न किसी महिला से परेशान है। हालांकि, ये आंकड़े व्यक्तिगत अनुभव और सोशल मीडिया दावे पर आधारित बताए जा रहे हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पति उत्पीड़न पर बढ़ती चर्चा
इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पति उत्पीड़न (Husband Harassment), घरेलू विवाद, और लिंग-आधारित कानूनों को लेकर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स का कहना है कि कानूनों में महिलाओं को सुरक्षा देने की जरूरत है, लेकिन पुरुषों के मानसिक और भावनात्मक शोषण को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
कुछ यूजर्स ने वीडियो का समर्थन करते हुए कहा कि शादी के बाद कई पुरुष चुपचाप मानसिक प्रताड़ना सहते हैं, क्योंकि समाज में उन्हें अपनी पीड़ा बताने की आज़ादी नहीं मिलती। वहीं, दूसरी ओर कई लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों को सामान्यीकरण नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के अधिकतर शिकार महिलाएं होती हैं।
विशेषज्ञों की राय
समाजशास्त्रियों और वैवाहिक सलाहकारों का मानना है कि शादी एक साझेदारी है, जिसमें संवाद, सम्मान और समझ जरूरी है। किसी एक लिंग को दोषी ठहराना समस्या का समाधान नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि पति या पत्नी कोई भी मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो सकता है, और ऐसे मामलों में काउंसलिंग और कानूनी सहायता दोनों जरूरी हैं।
निष्कर्ष
वायरल वीडियो भले ही एक व्यक्ति की निजी पीड़ा को दर्शाता हो, लेकिन इसने समाज के सामने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि क्या पुरुषों की मानसिक समस्याओं और वैवाहिक उत्पीड़न को पर्याप्त गंभीरता से लिया जाता है? शादी का निर्णय जीवन का बड़ा फैसला है, जिसे डर या पूर्वाग्रह नहीं, बल्कि समझ और जिम्मेदारी के साथ लेना ही बेहतर रास्ता माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो: पत्नी से प्रताड़ित पति की पीड़ा ने छेड़ी बहस
