इस साल का सबसे ज़्यादा बिकने वाला “फेवरेट फूड” निकला टैबलेट, मेडिकल स्टोर्स पर रिकॉर्ड बिक्री

इस साल खाने-पीने की दुनिया में नहीं, बल्कि दवाओं के बाजार में एक अनोखा रिकॉर्ड बना है। “ईयर का सबसे ज़्यादा बिकने वाला फेवरेट फूड” कोई लोकप्रिय डिश नहीं, बल्कि एक टैबलेट रही। देश के बड़े महानगरों से लेकर छोटे कस्बों तक मेडिकल स्टोर्स पर इस टैबलेट की धड़ल्ले से बिक्री हुई, जिसने फार्मा इंडस्ट्री को भी चौंका दिया।

मुंबई, पुणे, दिल्ली में रिकॉर्ड बिक्री
फार्मा बाजार से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई, पुणे और दिल्ली जैसे महानगरों में इस टैबलेट की बिक्री ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। हर दिन हजारों स्ट्रिप्स मेडिकल स्टोर्स से बिकती रहीं। केमिस्टों का कहना है कि दिन में कई बार स्टॉक खत्म हो जाता था और नई खेप मंगानी पड़ती थी।

लगभग हर मेडिकल स्टोर पर डिमांड
यह स्थिति सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रही। छोटे शहरों और कस्बों में भी लगभग हर मेडिकल स्टोर पर इस टैबलेट की जबरदस्त मांग देखने को मिली। स्थानीय फार्मासिस्टों के अनुसार, यह दवा ग्राहकों की “डेली जरूरत” बन गई है, जिस कारण इसकी बिक्री लगातार बढ़ती गई।

क्यों बनी टैबलेट सबसे ज़्यादा बिकने वाली?
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, अनियमित खानपान और काम का दबाव इसकी मुख्य वजह है। लोग त्वरित राहत के लिए टैबलेट पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं। यही कारण है कि यह दवा खाने की चीजों की तरह रोज़मर्रा की खरीदारी में शामिल हो गई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
हालांकि डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का अत्यधिक सेवन खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक टैबलेट पर निर्भरता से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

निष्कर्ष
इस साल का यह ट्रेंड साफ बताता है कि देश में स्वास्थ्य से जुड़ी आदतें तेजी से बदल रही हैं। “फेवरेट फूड” के रूप में टैबलेट का रिकॉर्ड बनना जहां एक ओर फार्मा इंडस्ट्री की बढ़त दिखाता है, वहीं दूसरी ओर यह समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है।

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