
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा, बहस और विवाद को जन्म दे दिया है। यहां 75 वर्षीय बुजुर्ग रमेश ठाकुर ने एक साथ दो सगी बहनों से विवाह कर लिया। यह मामला सामने आते ही न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया, जहां लोग इसे लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, रमेश ठाकुर की पत्नी की छोटी बहन के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार का कोई स्थायी सहारा न होने के कारण वह समाज में अकेली थी। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग उस पर गलत नज़र रखने लगे थे। हालात को देखते हुए रमेश ठाकुर ने यह असामान्य फैसला लिया और दोनों सगी बहनों से विवाह कर लिया। रमेश ठाकुर का कहना है कि उनका यह निर्णय किसी स्वार्थ या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान की भावना से लिया गया है। उन्होंने कहा कि मैंने यह फैसला इसलिए लिया ताकि मेरी साली की इज्जत और सुरक्षा बनी रहे। अब दोनों बहनों की जिम्मेदारी मेरी है।
समाज में बंटी राय
इस विवाह को लेकर समाज में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे मानवीय और संवेदनशील कदम बता रहे हैं, जो एक असहाय महिला की सुरक्षा के लिए उठाया गया। वहीं, कई लोग इसे कानूनी रूप से गलत और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ मान रहे हैं।
कानूनी मान्यता पर सवाल
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत एक ही समय में दो विवाह करना और विशेष रूप से दो सगी बहनों से विवाह करना कानूनन मान्य नहीं है। ऐसे मामलों में विवाह को अवैध माना जा सकता है और संबंधित व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई भी संभव है। यही कारण है कि यह मामला अब कानूनी बहस का विषय बन गया है।
75 साल की उम्र में जिम्मेदारी निभाने पर सवाल
एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि 75 वर्ष की उम्र में क्या रमेश ठाकुर दोनों महिलाओं को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से खुश और सुरक्षित रख पाएंगे? भविष्य में इस रिश्ते का स्वरूप क्या होगा, इसे लेकर भी लोग सवाल कर रहे हैं।



