माघ मेला 2026: इटली की युवती लुक्रेशिया ने संगम तट पर अपनाया सनातन मार्ग, आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम

प्रयागराज। संगम तट पर आयोजित माघ मेला 2026 में इस वर्ष आस्था का एक अत्यंत प्रेरणादायक और भावुक करने वाला दृश्य देखने को मिल रहा है। भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म से गहराई से प्रभावित होकर इटली से आई 22 वर्षीय युवती लुक्रेशिया माघ मेले में पहुंची हैं और यहां अपने गुरु के सान्निध्य में दीक्षा ग्रहण कर रही हैं। यह दृश्य न केवल देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना है, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की वैश्विक स्वीकार्यता को भी रेखांकित करता है।
नैमिशारण्य आश्रम में साधना और संस्कार
लुक्रेशिया इन दिनों संगम लोअर मार्ग स्थित नैमिशारण्य आश्रम में निवास कर रही हैं। आश्रम परिसर में वे “जय सियाराम”, “जय सीताराम” और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ मंत्रोच्चार और साधना सीखती हुई नजर आती हैं। भारतीय परंपराओं, शास्त्रों और साधना-पद्धतियों के प्रति उनकी जिज्ञासा और समर्पण श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहा है।
सनातन संस्कृति से प्रभावित विदेशी श्रद्धालु
लुक्रेशिया का कहना है कि भारतीय दर्शन, योग, ध्यान और सनातन जीवन-मूल्य उन्हें भीतर से आकर्षित करते हैं। गुरु-शिष्य परंपरा, करुणा, संयम और आत्म-उत्थान के सिद्धांतों ने उन्हें इस मार्ग पर अग्रसर किया। माघ मेले जैसे आध्यात्मिक आयोजन में भाग लेकर वे भारतीय संस्कृति को जीने और सीखने का अनुभव प्राप्त कर रही हैं।
माघ मेला 2026: विश्व पटल पर भारतीय आस्था
माघ मेला 2026 न केवल स्नान, दान और कल्पवास का पर्व है, बल्कि यह विश्व को भारतीय आध्यात्मिकता से जोड़ने वाला सेतु भी बन रहा है। लुक्रेशिया जैसी युवा विदेशी साधिकाओं की उपस्थिति यह संदेश देती है कि सनातन धर्म की जड़ें गहरी हैं और इसकी विचारधारा सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ती है।
प्रेरणादायक संदेश
संगम तट पर लुक्रेशिया की साधना यह प्रमाणित करती है कि आस्था भाषा, देश और संस्कृति की सीमाओं से ऊपर होती है। माघ मेला 2026 में यह दृश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रहा है कि भारतीय संस्कृति की विरासत आज भी उतनी ही प्रासंगिक और आकर्षक है।



