
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से सामने आया एक मामला इन दिनों गांव से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बना हुआ है। पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक मर्यादाओं और महिला के निजी अधिकारों को लेकर यह घटना लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है। गांव की एक महिला द्वारा अपने जेठ से विवाह करने के फैसले ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में बहस छेड़ दी है।
पति दिल्ली में करता है नौकरी, गांव में शुरू हुई बातचीत
गांववालों के अनुसार, सीमा कुमारी का विवाह कई वर्ष पहले हुआ था। उसका पति रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में नौकरी करता है और अधिकांश समय वहीं रहता है। पति की अनुपस्थिति के दौरान सीमा का घर में ही रहने वाले जेठ से संपर्क बढ़ा। शुरू में यह बातचीत सामान्य पारिवारिक संवाद तक सीमित रही, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।
नाजायज रिश्ते से शादी के फैसले तक
समय के साथ यह संबंध नाजायज रिश्ते में बदल गया, जिसकी भनक परिवार वालों को लगी। जब परिवार ने दोनों से पूछताछ की तो मामला और चौंकाने वाला सामने आया। सीमा कुमारी ने साफ शब्दों में कहा कि वह अब अपने पति के बजाय जेठ के साथ ही रहना चाहती है। वहीं, जेठ ने भी इस रिश्ते को स्वीकार करते हुए सीमा के साथ जीवन बिताने की सहमति जता दी। परिवार और समाज की परवाह किए बिना दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया, जिससे गांव में सनसनी फैल गई।
पंचायत भी नहीं निकाल सकी समाधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में पंचायत बुलाई गई, लेकिन घंटों चली चर्चा के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। पंचायत में भी मतभेद स्पष्ट दिखे, कुछ लोग इसे महिला का निजी निर्णय बता रहे थे, जबकि अन्य इसे पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ मान रहे थे।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
यह मामला अब सोशल मीडिया वायरल हो चुका है। एक वर्ग महिला के स्वतंत्रता और निजी अधिकार का समर्थन कर रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे रिश्तों की पवित्रता का हनन और समाज के लिए गलत संदेश बता रहा है। मीडिया द्वारा दिल्ली में रह रहे असली पति से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
समाज के सामने बड़ा सवाल
हरदोई की यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है, क्या जेठ से इस तरह का रिश्ता और विवाह सामाजिक रूप से स्वीकार्य है? या फिर यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है, जिसमें समाज को दखल नहीं देना चाहिए?



