Opinion

हरियाणा के सोनीपत में भगवान परशुराम की प्रतिमा का भव्य अनावरण, ब्राह्मण समाज को मिला सम्मान, मध्यप्रदेश सरकार पर उठे सवाल

सोनीपत ।  देशभर में ब्राह्मण समाज लंबे समय से अपनी सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक गौरव की पुनर्स्थापना की मांग करता आ रहा है। ऐसे में हरियाणा के सोनीपत ज़िले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें विधिवत रूप से प्रतिष्ठित किया गया। यह आयोजन ब्राह्मण समाज के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बन गया है।

भगवान परशुराम को ब्राह्मणों के आराध्य देव माना जाता है, जो अन्याय के खिलाफ शस्त्र उठाने और धर्म की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा की स्थापना केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि समाज में ब्राह्मणों के योगदान को मान्यता देने का भी प्रतीक है।

सोनीपत में हुए इस आयोजन के बाद अब मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। जहां एक ओर हरियाणा में परशुराम जी को सम्मान मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश में बीते 21 वर्षों से भाजपा की सरकार होने के बावजूद ब्राह्मण समाज के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ब्राह्मण संगठनों और समाज के नेताओं का कहना है कि मध्यप्रदेश में ब्राह्मणों के साथ न सिर्फ उपेक्षा हुई है, बल्कि कई बार उन्हें अपमान और अत्याचार का भी सामना करना पड़ा है। उनका यह भी कहना है कि परशुराम जयंती जैसे पर्वों को भी उतनी प्राथमिकता नहीं दी जाती, जितनी अपेक्षित है।

ब्राह्मण समाज की आवाज़ बुलंद

भगवान परशुराम की मूर्ति की स्थापना से उत्साहित ब्राह्मण समाज अब देशभर में इस तरह की और पहल की मांग कर रहा है। वे चाहते हैं कि मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी परशुराम जन्मस्थल, मंदिर और सांस्कृतिक स्थलों का विकास किया जाए, जिससे युवा पीढ़ी को अपने धर्म और इतिहास से जुड़ने का अवसर मिले।

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