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देश हमारा कहां जा रहा, कहो नरेंद्र मज़ा आ रहा : वाराणसी में वायरल गाने से उठा सियासी तूफान

वाराणसी से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस वीडियो में कुछ युवकों द्वारा गाया गया एक व्यंग्यात्मक गीत तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसे लाखों लोग देख और साझा कर रहे हैं। गीत के बोल सीधे तौर पर देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नीतियों पर सवाल खड़े करते हैं। खास बात यह है कि यह विरोध स्वर सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों और असंतोष को भी खुलकर सामने लाता है।

वायरल वीडियो में क्या है खास?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में युवकों का समूह गीत के माध्यम से कहता सुनाई देता है “देश हमारा कहां जा रहा, कहो नरेंद्र मज़ा आ रहा”।
यह पंक्ति न केवल सरकार की कार्यशैली पर कटाक्ष करती है, बल्कि आम जनता में बढ़ते असंतोष को भी दर्शाती है। वीडियो वाराणसी का बताया जा रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। यही कारण है कि इस गीत को राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

बीजेपी पर सीधे हमले, ‘भस्मासुर’ की उपमा

वीडियो में युवकों ने बीजेपी को ‘भस्मासुर’ की संज्ञा दी है। उनका कहना है कि जिस पार्टी को सवर्ण समाज का समर्थक माना जाता रहा, वही अब सवर्णों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। गीत और बयान में यह आरोप लगाया गया है कि बीजेपी की राजनीति अब रसातल में जा रही है और पार्टी अपने ही समर्थक वर्ग को नुकसान पहुंचा रही है।

युवकों का दावा है कि समय रहते सवर्ण समाज को “मोहिनी अवतार” धारण कर अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने की जरूरत है। वीडियो में यह भी कहा गया है कि अब बीजेपी की विदाई का वक्त आ गया है और आने वाले चुनावों में इसका परिणाम सामने आएगा।

‘नरेंद्र को बनारस से मुक्त करेंगे’ का नारा

वायरल वीडियो में एक और विवादित पंक्ति सामने आई है “नरेंद्र को मुक्त कर देंगे बनारस से अबकी बार सवर्ण”। इस बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सीधे राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। युवकों का कहना है कि सवर्ण समाज अब माहौल बना रहा है और बीजेपी को डुबाकर ही मानेगा।




बीजेपी पर दोगलेपन का आरोप

वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया है कि बीजेपी अब अन्य पार्टियों की तरह “हिंदू विरोधी” कार्य करने लगी है। युवकों का कहना है कि जिन मुद्दों पर बीजेपी ने सत्ता हासिल की, अब वही मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं। इस कथित दोगलेपन का परिणाम आने वाले समय में चुनावी नतीजों के रूप में सामने आएगा।




सोशल मीडिया पर तीखी बहस

यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता रहे हैं, तो वहीं बीजेपी समर्थक इसे प्रायोजित और भ्रामक प्रचार करार दे रहे हैं। फिलहाल इस वीडियो को लेकर किसी आधिकारिक राजनीतिक प्रतिक्रिया या प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि वाराणसी से उठा यह सुर आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज़ करेगा।

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