कर्मचारी हितों, सामाजिक सुरक्षा और रेल सुरक्षा मुद्दों पर एकजुट हुआ संगठन
भोपाल, 5 जून 2026। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (डब्ल्यूसीआरएमएस) की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को मुख्य शाखा भोपाल में आयोजित की गई। बैठक में रेलवे कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए संगठन ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष आर.के. शर्मा ने की, जबकि संघ के महामंत्री अशोक शर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान रेलवे कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया।
8वें वेतन आयोग और रेल निजीकरण पर जताया कड़ा विरोध
बैठक में संघ पदाधिकारियों ने प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग से जुड़ी कर्मचारियों की अपेक्षाओं पर चर्चा की। साथ ही रेलवे के निजीकरण संबंधी प्रयासों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसका विरोध दर्ज कराया।
संघ नेताओं का कहना था कि रेलवे जैसी सार्वजनिक सेवा संस्था में निजीकरण की प्रक्रिया कर्मचारियों और यात्रियों दोनों के हितों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों और सेवा सुरक्षा को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की उठी मांग
बैठक में कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ न दिए जाने के प्रयासों का भी विरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है और इसे कमजोर करने वाली किसी भी नीति का संगठन विरोध करेगा।
संघ ने केंद्र सरकार से कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पेंशन संबंधी मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
नागदा दुर्घटना की निष्पक्ष जांच की मांग
बैठक में हाल ही में नागदा में इंजीनियरिंग विभाग से संबंधित हुई दुर्घटना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पदाधिकारियों ने घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसकी उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
संघ ने कहा कि दुर्घटना के लिए जो भी अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार पाए जाएं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में कार्यस्थल सुरक्षा और दुर्घटना रोकथाम के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संघ नेताओं ने रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट, आधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
100 से अधिक पदाधिकारी और प्रतिनिधि हुए शामिल
बैठक में मंडल अध्यक्ष आर.के. शर्मा, महामंत्री अशोक शर्मा, मंडल सचिव कमलेश परिहार, जोनल कार्यकारी अध्यक्ष बी.एल. मंडल उपाध्यक्ष एवं जोनल मीडिया कोऑर्डिनेटर रोमेश चौबे, जोनल संयुक्त महामंत्री शहजाद पुरी, जोनल सचिव बीरेश तिवारी सहित मंडल की विभिन्न शाखाओं के अध्यक्ष, सचिव और सक्रिय सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में लगभग 100 से अधिक पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया और कर्मचारी हितों, वेतन आयोग, पुरानी पेंशन, रेल निजीकरण तथा सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
कर्मचारी अधिकारों की रक्षा के लिए जारी रहेगा आंदोलन
बैठक के अंत में संगठन ने स्पष्ट किया कि रेलवे कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर वह लगातार आवाज उठाता रहेगा। संघ ने कर्मचारी हितों की रक्षा और रेलवे के सार्वजनिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए भविष्य में भी संगठित प्रयास जारी रखने का भरोसा दिलाया।
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