
सनातनी समाज में शोक की लहर
उज्जैन से सनातनी समाज के लिए एक बेहद दुखद समाचार सामने आया है। बाबा महाकाल मंदिर में वर्षों तक भस्म आरती में भस्म लगाने की सेवा निभाने वाले और महाकाल के अनन्य भक्त के रूप में पहचाने जाने वाले बाबा बमबमनाथ का निधन हो गया है। उनकी पार्थिव यात्रा और अंतिम संस्कार से जुड़ी औपचारिकताएँ स्थानीय प्रशासन व मंदिर समिति की देखरेख में संपन्न की जाएँगी।
बाबा बमबमनाथ न सिर्फ एक सेवक थे, बल्कि महाकाल की परंपरा के जीवंत प्रतीक भी थे। उन्होंने जीवनभर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की सेवा को ही अपना धर्म और तप माना। हर सुबह होने वाली भस्म आरती में उनका योगदान अद्वितीय माना जाता था। भक्तों के बीच उनकी पहचान एक सरल, संत–स्वभाव और आध्यात्मिक अनुशासन वाले व्यक्तित्व के रूप में थी।
उनके निधन की खबर से उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में गहरा शोक है। श्रद्धालुओं और पुरोहित समुदाय द्वारा श्रद्धांजलि व्यक्त की जा रही है। सनातन परंपरा के एक अद्भुत सेवक का जाना, महाकाल नगरी के लिए अपूरणीय क्षति है।





