नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर की 334 राजनीतिक पार्टियों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। यह कदम उन दलों के खिलाफ उठाया गया है, जो बीते 6 वर्षों से किसी भी चुनाव में भाग नहीं ले रहे थे। नियमों के अनुसार, यदि कोई राजनीतिक दल लगातार 6 साल तक चुनाव में हिस्सा नहीं लेता है, तो उसका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
अब सिर्फ 6 राष्ट्रीय दल
पंजीकरण रद्द होने के बाद अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय दल ही बचे हैं —
1. भारतीय जनता पार्टी (BJP)
2. आम आदमी पार्टी (AAP)
3. बहुजन समाज पार्टी (BSP)
4. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)]5. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
6. नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP)
क्षेत्रीय दलों की संख्या भी घटी
इस कार्रवाई के बाद देश में क्षेत्रीय दलों की संख्या घटकर 67 रह गई है। पहले यह संख्या इससे काफी अधिक थी, लेकिन चुनाव आयोग की सख्ती के चलते अब गैर-सक्रिय दलों को सूची से बाहर किया जा रहा है।
क्यों की गई कार्रवाई?
चुनाव आयोग का मानना है कि पंजीकृत लेकिन निष्क्रिय राजनीतिक दल चुनावी पारदर्शिता और राजनीतिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर असर डालते हैं। साथ ही, कई निष्क्रिय दल पंजीकरण के विशेषाधिकार का दुरुपयोग करते पाए गए हैं, इसलिए उन्हें सूची से हटाना जरूरी है।
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देश की 334 राजनीतिक पार्टियों का पंजीकरण रद्द, अब सिर्फ 6 राष्ट्रीय दल शेष
