2027 तक दिल्ली के कचरा पहाड़ होंगे खत्म, MSW से बनेंगी सैकड़ों किलोमीटर मजबूत सड़कें: नितिन गडकरी

नई दिल्ली । दिल्ली के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2027 तक राजधानी दिल्ली के कचरा पहाड़ पूरी तरह हटा दिए जाएंगे। इन विशाल लैंडफिल साइट्स के कचरे को आधुनिक तकनीक के ज़रिए सड़क निर्माण में उपयोग किया जाएगा, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि दिल्ली की तस्वीर भी बदलेगी।
भालस्वा लैंडफिल से बनेगी नई सड़कें
नितिन गडकरी के अनुसार दिल्ली की भालस्वा (भालस्वामी) लैंडफिल साइट पर जमा करीब 20 मिलियन टन ठोस कचरे (MSW – Municipal Solid Waste) को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। इस कचरे से सैकड़ों किलोमीटर लंबी और मजबूत सड़कें तैयार की जाएंगी। यह पहल देश में कचरा प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का एक अनूठा उदाहरण बनेगी।
पहले भी सफल रहे हैं ऐसे प्रयोग
गडकरी ने भरोसा दिलाया कि यह योजना केवल घोषणा नहीं है। इससे पहले उत्तराखंड के रुड़की और दिल्ली के ओखला क्षेत्र में MSW से लगभग 40 किलोमीटर सड़कें बनाई जा चुकी हैं, जो पूरी तरह सफल रही हैं। इन सड़कों की गुणवत्ता और मजबूती पर कोई समझौता नहीं किया गया और वे अब भी अच्छी स्थिति में हैं।
पर्यावरण और स्वास्थ्य को मिलेगा लाभ
दिल्ली के कचरा पहाड़ वर्षों से वायु प्रदूषण, दुर्गंध और स्वास्थ्य समस्याओं का बड़ा कारण रहे हैं। इनके हटने से आसपास के इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को राहत मिलेगी। लैंडफिल में लगने वाली आग, जहरीली गैसों का उत्सर्जन और भूजल प्रदूषण जैसी समस्याओं में भी भारी कमी आएगी।
दिल्ली की बदलेगी तस्वीर
इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली न केवल अधिक साफ-सुथरी दिखाई देगी, बल्कि शहर को आधुनिक और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर भी मिलेगा। कचरे से सड़क निर्माण “वेस्ट टू वेल्थ” की सोच को मजबूत करेगा और स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देगा।
वचन के पक्के हैं नितिन गडकरी
नितिन गडकरी को उनके स्पष्ट विज़न और समयबद्ध परियोजनाओं के लिए जाना जाता है। सड़क निर्माण, ग्रीन एनर्जी और वैकल्पिक संसाधनों के उपयोग में उनके प्रयास पहले ही देशभर में उदाहरण बन चुके हैं। दिल्ली के कचरा पहाड़ हटाने का वादा भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।





