नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में एक बार फिर बड़ा मोड़ सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत के आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में उन पर लगभग 2,000 करोड़ रुपए के कथित वित्तीय अनियमितताओं, बेनामी लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। संबंधित संपत्तियों का बाजार मूल्य लगभग ₹5,000 करोड़ बताया जा रहा है।
मामला यंग इंडियन कंपनी द्वारा नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों के अधिग्रहण से जुड़ा है। आरोप है कि पार्टी फंड से दिए गए ऋण को पुस्तकों में हेरफेर कर ‘यंग इंडियन’ को सौंपा गया और इसके बाद विशाल संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह पूरा प्रक्रिया धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और अवैध कब्जे का मामला बनता है।
ED पहले ही इस मामले में कई चरणों में पूछताछ कर चुकी है, जबकि कांग्रेस लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना बता कर खारिज करती रही है। अब EOW द्वारा औपचारिक FIR दर्ज होने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया और तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, फंड ट्रांसफर, कंपनियों की संरचना और संपत्तियों के अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच करेंगी।
कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया है, जबकि शिकायतकर्ता और एजेंसियों का दावा है कि यह मामला स्पष्ट आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है। आने वाले दिनों में पूछताछ, दस्तावेज़ी जांच और संभावित गिरफ्तारी जैसे कई बड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
नेशनल हेराल्ड केस में बड़ी कार्रवाई: सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ EOW ने दर्ज की FIR, 2,000 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप
