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पूछा क्या VIP को अपराध की छूट है? उत्तराखंड की 10वीं की छात्रा संजना बौड़ाई ने खून से लिखा राष्ट्रपति को पत्र

नई दिल्ली । उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड ने एक बार फिर देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। इस बार आवाज़ किसी राजनीतिक दल या बड़े मंच से नहीं, बल्कि एक 10वीं कक्षा की छात्रा संजना बौड़ाई से उठी है, जिसने राष्ट्रपति को अपने खून से पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। संजना ने सवाल उठाया है—क्या VIP को अपराध करने की छूट है? और क्या एक आम लड़की की जान इतनी सस्ती हो सकती है।

खून से लिखा पत्र, न्याय की सबसे दर्दनाक अपील

संजना बौड़ाई ने राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में लिखा है मैं यह पत्र अपने खून से पूरे होशो-हवास में अंकिता भंडारी दीदी के लिए न्याय की गंभीरता को देखते हुए लिख रही हूं।यह पंक्तियां न सिर्फ व्यवस्था पर सवाल हैं, बल्कि उस पीड़ा की अभिव्यक्ति भी हैं, जो आज देश की बेटियां महसूस कर रही हैं।

CBI जांच की मांग

संजना ने अपने पत्र में अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष CBI जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस मामले में अब तक कई सवाल अनुत्तरित हैं और सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह VIP कौन है, जिसका नाम सामने आने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई? क्या एक आम लड़की की जान इतनी सस्ती है?
पत्र में संजना ने भावुक शब्दों में लिखा कि यदि अंकिता किसी ताकतवर परिवार से होती, तो शायद न्याय की रफ्तार इतनी धीमी नहीं होती। उन्होंने पूछा कब पकड़ा जाएगा वह VIP? क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है?क्या बेटियों को न्याय मांगने के लिए खून तक बहाना पड़ेगा?


समाज और सिस्टम पर करारा सवाल

एक नाबालिग छात्रा का इस तरह खून से पत्र लिखना इस बात का प्रमाण है कि न्याय व्यवस्था पर भरोसा कितना डगमगा गया है। यह केवल अंकिता भंडारी का मामला नहीं, बल्कि हर उस बेटी की आवाज़ है, जो खुद को असुरक्षित महसूस करती है।

सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया

संजना बौड़ाई के इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोग इसे न्याय की पुकार, सिस्टम के मुंह पर तमाचा और देश की अंतरात्मा की आवाज़ बताकर राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

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