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लखनऊ हाईकोर्ट खुलते ही गरमाया माहौल: अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी के विरोध में वकीलों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन

लखनऊ। नए साल की छुट्टियां समाप्त होने के बाद सोमवार को जैसे ही लखनऊ हाईकोर्ट खुला, वैसे ही न्यायिक परिसर और उसके आसपास का माहौल गर्मा गया। मध्यप्रदेश के बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा की कथित असंवैधानिक गिरफ्तारी के विरोध में लखनऊ के अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। वकीलों ने सड़क पर उतरकर फ्लैग मार्च निकाला और अधिवक्ता एकता का सार्वजनिक संकल्प लिया। लखनऊ बार से जुड़े वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि किसी भी बार एसोसिएशन के निर्वाचित या पूर्व पदाधिकारी की गिरफ्तारी यदि संवैधानिक प्रक्रिया और विधिक मर्यादाओं के विपरीत होती है, तो वह केवल एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरे अधिवक्ता समाज पर प्रहार है। इसी भावना के तहत फ्लैग मार्च के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश का अधिवक्ता समाज एकजुट है और अन्याय के विरुद्ध चुप नहीं बैठेगा।

देशभर में समर्थन, ज्ञापन सौंपे गए

केवल लखनऊ ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों और शहरों में बार एसोसिएशन द्वारा अनिल मिश्रा के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपे, जिनमें गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की गई। इन ज्ञापनों में यह भी कहा गया कि अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता और गरिमा न्याय व्यवस्था की रीढ़ है, और यदि अधिवक्ता नेतृत्व को दबाने की कोशिश की गई तो इसका लोकतांत्रिक और संवैधानिक स्तर पर विरोध होगा।

अधिवक्ता एकता ही सबसे बड़ी ताकत

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अनिल मिश्रा के समर्थन में जिस प्रकार देशभर से आवाज़ उठ रही है, वह यह दर्शाती है कि अधिवक्ता समाज व्यक्तिगत सीमाओं से ऊपर उठकर न्याय और संविधान के पक्ष में खड़ा है।
वकीलों का कहना था कि आज दिखाई दे रही यह एकजुटता आने वाले समय में एक ऐतिहासिक आंदोलन का रूप ले सकती है।

एक संदेश, एक संकल्प

अनिल मिश्रा के समर्थन में खड़े लोगों की संख्या और तीव्रता यह साफ संकेत दे रही है कि मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवैधानिक मूल्यों, अधिवक्ता स्वाभिमान और न्यायिक स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। अधिवक्ताओं के बीच यह चर्चा आम है कि बंदा शेर है, इतिहास रचेगा और यह इतिहास अधिवक्ता एकता की ताकत से लिखा जाएगा।

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