कॉमेडी की दुनिया में लाखों चेहरों पर मुस्कान लाने वाली मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान भावुक हो गईं। हमेशा हंसाने-गुदगुदाने वाली भारती इस बार कैमरे के सामने आंसुओं से भरी नजर आईं।उन्होंने ऐसी बात कही, जिसने हर मां-बाप को सोचने पर मजबूर कर दिया।
“शुक्र है भगवान ने मुझे बेटा दिया…”
भर्राई हुई आवाज में भारती सिंह ने कहा कि “अगर मेरी बेटी होती, तो मैं उसे इस दुनिया की बुरी नजरों से कैसे बचाती… यही सोचकर मैं अंदर से टूट जाती। शुक्र है भगवान ने मुझे बेटा दिया।” यह सिर्फ एक साधारण बयान नहीं था, बल्कि एक मां के दिल का डर था। वह डर, जो आज के समाज में लगभग हर माता-पिता के मन में कहीं न कहीं छिपा रहता है।
क्या यह बयान बेटा-बेटी के भेदभाव को दिखाता है?
भारती ने साफ किया कि उनकी बात का मतलब बेटा-बेटी में फर्क करना बिल्कुल नहीं है। उनका कहना सिर्फ इतना था कि आज के माहौल में लड़कियों को जिस तरह की मानसिकता, तानों, असुरक्षा और डर के साथ जीना पड़ता है, वही उनकी सबसे बड़ी चिंता थी। उन्होंने माना कि समाज में बेटियों को आज भी कई मोर्चों पर संघर्ष करना पड़ता है, बाहर की दुनिया में असुरक्षा का डर लगातार बना रहता है। एक मां के लिए बेटी की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन जाती है।
एक मां का डर या समाज की नाकामी?
भारती सिंह का यह बयान असल में समाज का आईना है। यह बयान बताता है कि आज भी हमारे समाज में
लड़कियों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल है
माता-पिता के मन में बेटियों को लेकर अनजाना भय बना रहता है, समानता की बातें तो होती हैं, लेकिन हकीकत अभी भी दूर है, यह सोच किसी एक मां की नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की सच्चाई है।
बड़ा सवाल क्या बेटियां बोझ हैं?
भारती के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है क्या आज के समाज में बेटियां सचमुच “डर” का कारण बन गई हैं? क्या उन्हें आज भी कमजोर समझा जाता है? या असल समस्या हमारी सामाजिक मानसिकता है? सच यह है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि समाज की ताकत हैं। समस्या बेटियों में नहीं—बल्कि उस माहौल में है, जो हमने उनके लिए बनाया है।
जरूरत सोच बदलने की
भारती सिंह की बातों ने यह जरूर साबित कर दिया कि जब तक समाज बेटियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होगा, तब तक हर मां के मन में यह डर जिंदा रहेगा। अब सवाल आपसे है आप क्या सोचते हैं? क्या आज के दौर में बेटियां सच में बोझ हैं, या समाज की सोच बोझ बन चुकी है?
अगर बेटी होती तो…” भारती सिंह के बयान ने खोल दी समाज की कड़वी सच्चाई
