मूक-बधिर बच्चों की नृत्य प्रस्तुति और रैंप वॉक रहा आकर्षण का केंद्र, पुष्पलता त्रिपाठी ने कहा- विशेष बच्चों को अवसर और सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी
रायपुर। कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में भक्ति के साथ सामाजिक समावेशिता का संदेश भी देखने को मिला। कोपलवाणी स्पेशल चाइल्ड वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन और संतोष अग्रवाल अविनाश फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हरसंभव फाउंडेशन की पुष्पलता त्रिपाठी को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कांता सिंघानिया, ट्रस्टी अविनाश फाउंडेशन और विशेष अतिथि अनु चक्रवर्ती, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष, महासमुंद सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत पौधे भेंट कर किया गया। इस पहल के जरिए आयोजकों ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली का संदेश भी दिया।
मूक-बधिर बच्चों ने पेश किया नृत्य और रैंप वॉक
समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा मूक-बधिर बच्चों की नृत्य प्रस्तुति और रैंप वॉक रहा। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुति देखकर अतिथियों और दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के स्नान, ध्यान, पूजा-अर्चना और आरती में अतिथियों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। इससे पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया।
‘विशेष बच्चे किसी से कम नहीं’
हरसंभव फाउंडेशन की पुष्पलता त्रिपाठी ने कहा कि विशेष बच्चे प्रतिभा के मामले में किसी से कम नहीं हैं। उन्हें केवल उचित अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग की जरूरत है। मूक-बधिर बच्चों की नृत्य प्रस्तुति और रैंप वॉक ने साबित किया कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव प्रेम, करुणा, सेवा और मानवता का संदेश देता है। ऐसे पर्व पर विशेष बच्चों को मंच और सम्मान देना आयोजन की सार्थकता को और बढ़ाता है।
समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने पर जोर
पुष्पलता त्रिपाठी ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विशेष बच्चों की प्रतिभा पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कोपलवाणी स्पेशल चाइल्ड वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन और संतोष अग्रवाल अविनाश फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में समानता, समावेशिता और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं। हर बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जरूरत केवल उसे पहचानने और निखारने की है।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, आयोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। कृष्ण जन्मोत्सव का यह समारोह भक्ति, सेवा, सम्मान और विशेष बच्चों की प्रतिभा के सुंदर संगम के रूप में यादगार रहा।
