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उन्नत एयरवे केयर से मणिपाल अस्पताल ढाकुरिया ने रचा चिकित्सा इतिहास

उच्च जोखिम वाली हृदय सर्जरी सफल, 41 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन

कोलकाता |  पूर्वी भारत के अग्रणी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में शामिल मणिपाल अस्पताल ढाकुरिया ने एक बार फिर जटिल और उच्च जोखिम वाले मामलों में अपनी चिकित्सा उत्कृष्टता सिद्ध की है। अस्पताल ने खड़गपुर निवासी 41 वर्षीय व्यवसायी श्री अरिंदम सेन (नाम परिवर्तित) की अत्यंत चुनौतीपूर्ण हृदय सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह सर्जरी जन्मजात गंभीर हृदय रोग और दुर्लभ एयरवे जटिलता के कारण बेहद जोखिमपूर्ण मानी जा रही थी। यह उपचार डॉ. कौशिक मुखर्जी, कंसल्टेंट – कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, मणिपाल अस्पताल ढाकुरिया के नेतृत्व में किया गया, जिसमें कार्डियक सर्जरी और एनेस्थीसिया टीमों ने अभूतपूर्व समन्वय का परिचय दिया।

दो गंभीर हृदय रोगों से जूझ रहे थे मरीज

रोगी गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस से पीड़ित थे, जिसमें हृदय का मुख्य वाल्व अत्यधिक संकरा हो जाता है और रक्त प्रवाह बाधित होता है। यह समस्या बायकसपिड एओर्टिक वाल्व के कारण थी, जो एक जन्मजात दोष है। इसके साथ ही मरीज को वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (VSD) भी था, यानी हृदय के निचले कक्षों के बीच छेद, जिससे रक्त का असामान्य प्रवाह हो रहा था। स्थिति को और जटिल बना दिया मरीज की गंभीर एंग्जायटी और मुँह खुलने की अत्यंत सीमित क्षमता सिर्फ एक उंगली जितनी जिससे सामान्य एनेस्थीसिया और इंटुबेशन लगभग असंभव हो गया था। ऐसे मामलों में हृदय गति या रक्तचाप में मामूली बदलाव भी जानलेवा साबित हो सकता है।

अवेक नेज़ल इंटुबेशन से मिली सफलता

इन सभी जोखिमों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा टीम ने अवेक नेज़ल ट्रैकियल इंटुबेशन जैसी उन्नत तकनीक अपनाई। इस प्रक्रिया में रोगी को जागते हुए, स्वयं सांस लेते हुए नाक के माध्यम से श्वसन नली डाली गई, जिससे हृदय पर अचानक दबाव नहीं पड़ा। यह प्रक्रिया बिना ऑक्सीजन स्तर में गिरावट या किसी गंभीर शारीरिक अस्थिरता के सफल रही। इसके बाद डॉ. कौशिक मुखर्जी के नेतृत्व में हृदय वाल्व प्रतिस्थापन और VSD क्लोज़र सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।

रिकवरी रही पूरी तरह सुरक्षित

सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी पूरी तरह सुचारु रही। किसी भी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई और चौथे दिन मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में वे घर पर फॉलो-अप के साथ स्वस्थ जीवन की ओर लौट रहे हैं।

विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

डॉ. कौशिक मुखर्जी ने कहा,
“यह मामला इसलिए विशेष था क्योंकि इसमें दो गंभीर हृदय रोगों के साथ एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण एयरवे समस्या भी थी। गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस में हृदय गति और रक्तचाप का सख्त नियंत्रण जरूरी होता है। सटीक योजना, अनुभव और टीमवर्क से हम सुरक्षित और उत्कृष्ट परिणाम हासिल कर पाए।” वहीं, डॉ. नीलंजन चक्रवर्ती, कंसल्टेंट – कार्डियक एनेस्थीसिया ने बताया, “मुँह बहुत कम खुलने और गंभीर चिंता के कारण पारंपरिक इंटुबेशन संभव नहीं था। अवेक नेज़ल इंटुबेशन ने रोगी को स्वयं सांस लेते रहने का अवसर दिया, जिससे एयरवे फेल होने और हृदय अस्थिरता का जोखिम लगभग समाप्त हो गया।”

मरीज ने जताया आभार

मरीज ने कहा देश के कई अस्पतालों से परामर्श के बाद मैंने मणिपाल अस्पताल ढाकुरिया को चुना। टीम ने हर कदम को विस्तार से समझाया, जिससे मेरा डर काफी कम हो गया। सर्जरी से लेकर रिकवरी तक मुझे जो संवेदनशील और उच्च स्तरीय देखभाल मिली, उसके लिए मैं पूरी टीम का आभारी हूँ।”

चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसाल

यह दुर्लभ और जटिल मामला उन्नत कार्डियक सर्जरी और कठिन एयरवे प्रबंधन में मणिपाल अस्पताल ढाकुरिया की विशेषज्ञता को दर्शाता है। साथ ही, यह संस्थान की उस प्रतिबद्धता को भी प्रमाणित करता है, जिसके तहत सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी मरीजों को सुरक्षित, समग्र और विश्वस्तरीय उपचार प्रदान किया जाता है।

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