पुणे, 4 अगस्त । एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (MIT-WPU), पुणे ने वैश्विक शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए जर्मनी के बर्लिन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड इनोवेशन (BSBI) के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, शोध और नवाचार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
समझौते पर एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल वी. कराड और बीएसबीआई के प्रोवोस्ट एवं ग्लोबल यूनिवर्सिटी सिस्टम्स, जर्मनी के मुख्य शैक्षणिक अधिकारी प्रो. डॉ. काइरियाकोस कौवेलियोटिस ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बीएसबीआई के डीन प्रो. शिव त्रिपाठी और एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के रजिस्ट्रार गणेश पोकले भी उपस्थित रहे।
इस समझौते के तहत छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाएं, तकनीक आधारित शिक्षण और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों संस्थान मिलकर ऐसे स्नातक तैयार करने का लक्ष्य रखेंगे, जिनमें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता हो।
एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के रजिस्ट्रार गणेश पोकले ने कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का मजबूत मंच बनेगी। वहीं प्रो. डॉ. काइरियाकोस कौवेलियोटिस ने इसे भारत और यूरोप के बीच शैक्षणिक सहयोग का नया अध्याय बताते हुए कहा कि दोनों संस्थान जल्द ही छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रम तथा संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं शुरू करेंगे।
उन्होंने शिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार उपयोग पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि एआई की मदद से प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाकर शिक्षक छात्रों के मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर अधिक समय दे सकेंगे।
प्रो. कौवेलियोटिस ने बताया कि उनके जर्मनी स्थित संस्थानों में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय संस्थानों से विश्वस्तरीय शिक्षा और शोध सुविधाएं विकसित कर प्रतिभा पलायन को कम करने का आह्वान किया।
उन्होंने एमआईटी-डब्ल्यूपीयू की शिक्षा के साथ विश्व शांति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी पर आधारित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय भविष्य में स्वास्थ्य, जलवायु तकनीक, स्मार्ट विनिर्माण और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में वैश्विक नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
