
खवड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क और मुंद्रा पोर्ट विस्तार से बदलेगा भारत का भविष्य
गांधीनगर/कच्छ । वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के मंच से AdaniKaran ने भारत के औद्योगिक और ऊर्जा भविष्य को नई दिशा देने वाले बड़े ऐलान किए हैं। अडानी ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि वह अगले 5 वर्षों में गुजरात के कच्छ क्षेत्र में ₹1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह निवेश केवल परियोजनाएं नहीं, बल्कि रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव साबित होगा।
कच्छ बनेगा रिन्यूएबल एनर्जी का वैश्विक हब
अडानी ग्रुप ने जानकारी दी कि 2030 तक खवड़ा (Khavda) रिन्यूएबल एनर्जी पार्क को 37 गीगावॉट (GW) क्षमता के साथ पूर्ण किया जाएगा। यह परियोजना दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क्स में शामिल होगी। इससे भारत की ग्रीन एनर्जी क्षमता, कार्बन उत्सर्जन में कमी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।
मुंद्रा पोर्ट की क्षमता होगी दोगुनी
देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाहों में शामिल मुंद्रा पोर्ट को लेकर भी बड़ा ऐलान किया गया है। अगले 10 वर्षों में मुंद्रा पोर्ट की हैंडलिंग क्षमता दोगुनी की जाएगी।
इस विस्तार से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती, निर्यात-आयात में तेजी, भारत को ग्लोबल ट्रेड हब बनाने में मदद मिलेगी।
रोजगार और उद्योग को मिलेगा बूस्ट
इन मेगा प्रोजेक्ट्स से हजारों नहीं, बल्कि लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। कच्छ जैसे सीमावर्ती और पिछड़े माने जाने वाले क्षेत्र में यह निवेश औद्योगिक विकास, स्किल डेवलपमेंट और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
अडानी ग्रुप का यह निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, ग्रीन ट्रांजिशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को सीधे तौर पर मजबूती देता है।
निष्कर्ष
वाइब्रेंट गुजरात में किया गया यह ऐलान साफ संकेत देता है कि अडानी ग्रुप केवल प्रोजेक्ट्स नहीं बना रहा, बल्कि भारत के अगले 25 वर्षों के विकास का रोडमैप तैयार कर रहा है। कच्छ से लेकर मुंद्रा तक, यह निवेश भारत को ऊर्जा, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।



