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क्या मंडेला के देश में पहली बार बनेगी गठबंधन सरकार

पहली बार किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं
केपटाउन । दक्षिण अफ्रीका के हालिया चुनाव के परिणामस्वरूप एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (एएनसी), 1994 में देश को रंगभेद से मुक्त कराया था। लेकिन 30 साल बाद पार्टी को बहुमत प्राप्त नहीं हो सका है। इसके बावजूद एएनसी सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। हालाँकि, किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल नहीं होने के की वजह से दक्षिण अफ्रीका के राजनीतिक नेता अब सरकार बनाने के लिए गठबंधन वार्ता में लगे हुए हैं। एएनसी के लंबे समय से चले आ रहे प्रभुत्व को देखकर यह देश के लिए एक नया अनुभव है। पिछले सप्ताह के चुनाव के बाद चार प्रमुख राजनीतिक दल हैं और करीब आठ के पास पर्याप्त वोट शेयर हैं, जिससे स्थिति काफी पेंचिदा हो गई है।
कभी नेल्सन मंडेला के शिष्य रहे 71 वर्षीय रामफोसा को एएनसी के इतिहास में सबसे खराब चुनाव परिणाम देखने को मिला है। रामफोसा पर पार्टी के साथ-साथ मतदाताओं का भी दबाव है, लेकिन 2 जून को जब अधिकारी ने उन्हें बुझा हुआ राष्ट्रपति बताया, तब हंसते हुए रामफोसा ने कहा कि मैं अभी तक नहीं बुझा हूं। रामफौसा की चुनौती अपनी पार्टी को उस गठबंधन की ओर ले जाना है जिसे वह एएनसी के भीतर विभिन्न गुटों के बीच सबसे अच्छा मानते हैं। स्पष्ट विकल्प मुख्य विपक्षी डेमोक्रेटिक गठबंधन है। किन डीए वर्षों से एएनसी की नीतियों की तीखी आलोचना करता रहा है और ये मेल इतना भी आसान नहीं होगा। भले ही दोनों ने कहा हो कि वे चर्चा के लिए तैयार हैं।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने सभी राजनीतिक दलों से अपने मतभेदों को दूर कर देश में राष्ट्रीय गठबंधन की पहली सरकार बनाने के लिए साझा आधार तलाशने का आह्वान किया। दक्षिण अफ्रीका में चुनाव के अंतिम नतीजों की घोषणा की गई, जिसमें यह साफ हो गया कि किसी दल को बहुमत नहीं प्राप्त हुआ है। उसके बाद से ही अफ्रीका की सबसे उन्नत अर्थव्यवस्था के लिए आगे का रास्ता खोजने के लिहाज से गठबंधन बनाने की बातचीत शुरू हो गई। रामाफोसा की अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस मतगणना में 50 फीसदी मत के आंकड़े को पार नहीं कर सकी। एएनसी पिछले 30 वर्ष से सत्ता के केंद्र में रही थी और बहुमत प्राप्त करती आ रही थी। एएनसी को पिछले सप्ताह हुई अंतिम मतगणना में करीब 40 फीसदी मत प्राप्त हुए।
48 वर्षीय स्टीनहुइज़न डीए के प्रमुख के रूप में मुख्य विपक्षी नेता हैं और चार मुख्य पार्टियों में एकमात्र श्वेत नेता हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एमके और ईएफएफ को छोड़कर विभिन्न दलों के साथ बातचीत शुरू कर रही है। डीए ने वहां एक रेखा खींच दी है और कहा है कि वह वैचारिक मतभेदों को लेकर उन दोनों के साथ कभी काम नहीं करेगा। स्टीनहुइसेन के डीए और रामफोसा के एएनसी को एक साथ लाना विश्लेषकों द्वारा व्यापक रूप से सबसे स्थिर गठबंधन विकल्प के रूप में देखा जाता है।

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