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अमेरिका में गहराया अवैध प्रवासियों का संकट, बाइडेन सरकार ने दिया आदेश

अवैध शरणार्थियों की एंट्री पर लगाम लगाएगा अमेरिका
न्यूयॉर्क । अमेरिका में इसी साल 5 नवंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। इस बीच देश में शरणार्थी संकट एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। विपक्षी नेता डोनाल्ड ट्रम्प से लेकर दुनिया के सबसे रईस शख्स इलॉन मस्क तक अवैध प्रवासी मुद्दे को लेकर बाइडेन सरकार पर काफी हमलावर रहे हैं। जनता में भी अवैध शरणार्थी के मुद्दे को लेकर काफी नाराजगी है।
इस बीच राष्ट्रपति बाइडेन ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने अवैध प्रवासी संकट से जुड़े एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया है। इससे बिना इजाजत के अमेरिका जाने वाले अवैध प्रवासियों के लिए शरण लेना आसान नहीं रह जाएगा। इस आदेश में यह प्रावधान है कि यदि दक्षिणी सीमा पार कर अवैध रूप से देश में आने वाले शरणार्थियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है तो उनके आवेदन तत्काल खारिज किए जा सकते हैं।
संख्या बढऩे पर उठाया जाएगा कदम
व्हाइट हाउस ने अवैध प्रवासियों से जुड़े नए प्रस्ताव की घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए ये कदम उठा रहा है। हालांकि व्हाइट हाउस ने इसमें ये भी कहा है कि ये कार्रवाई तभी प्रभावी होगी जब अवैध रूप से दक्षिणी सीमा पार कर अमेरिका पहुंचे वाले लोगों की औसत संख्या 2500 को पार कर जाएगी। ये नए नियम बुधवार सुबह से लागू हो गए हैं। ये नियम तब तक लागू रहेंगे जब तक कि औसत संख्या घटकर 1,500 से कम न हो जाए। नए नियम के तहत, लगातार 7 दिन तक अवैध शरणार्थिकों की संख्या यदि 1,500 से कम रही तो उसके दो सप्ताह बाद शरणार्थियों के लिए सीमा फिर से खुल जाएगी। प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर बाद में भी ये संख्या फिर से बढ़ती है तो प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। हालांकि इस प्रस्ताव में नाबालिग बच्चों और मानव तस्करी के शिकार लोगों को अपवाद में रखा गया है। वर्तमान में अवैध रूप से सीमा पार कर अमेरिका में प्रवेश लेने वाले लोगों की संख्या औसतन 3,700 है।
नए कानून से बढ़ेगी मुश्किलें
आलोचकों का मानना है कि बाइडेन सरकार के इस नए प्रस्ताव में नाबालिग शरणार्थियों को अपवाद में रखे जाने से इनकी संख्या में भारी वृद्धि हो जाएगी। हालांकि राष्ट्रपति बाइडेन ने इस नए प्रस्ताव को मानवीय विचारों से प्रेरित बताया है। उन्होंने इस आदेश की घोषणा करते हुए कहा कि ये डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच कई सप्ताह की बातचीत का परिणाम है। कुछ रिपब्लिन सांसदों ने ये दावा किया कि ये उनकी जीत है और वो डोनाल्ड ट्रम्प थे जिन्होंने बाइडेन को ये फैसला लेने पर मजबूर कर दिया। इन आरोपों पर बाइडेन ने कहा कि ट्रम्प अवैध शरणार्थियों का मुद्दा कभी सुलझाना नहीं चाहते थे वे इस मुद्दे का इस्तेमाल सरकार पर हमला करने के लिए कर रहे थे।

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