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किसान आंदोलन में शामिल होने जा रही महिलाओ, किसानो को ट्रैन से उतार हिरासत में लिया

आतंकवादियो जैसा सलूक कर रही सरकार, वोट बैंक की राजनीति के लिये दिया गया भारत रत्न-यश भारतीय

भोपाल। 13 फरवरी को दिल्ली में किसान संगठनों के आंदोलन में शामिल होने जा रहे करीब 66 किसानों और उनके साथ मौजूद महिलाओ को पुलिस द्वारा जर्बदस्ती भोपाल रेल्वे स्टेशन पर देर रात कर्नाटक एक्सप्रेस से उतारकर हिरासत में ले लिया गया। इन सभी को एक मैरिज गार्डन में रखा गया है। कार्यवाही के दौरान एक महिला के घायल होने के साथ ही एक किसान का मोबाइल गिर गया। कार्यवाही को लेकर सपा नेता ने सरकार पर किसानो के साथ आतंकवादियो जैसा सलूक करने के साथ ही आरोप लगाया कि सरकार का व्यवहार साफ नजर आ रहा है, कि कुछ दिनो पहले किसानो के हित की बात करने वाले नेताओ को दिया गया भारत रत्न वोट बैंक की राजनीति के चलते दिया गया है। हिरासत में लिए गए किसान नेता विश्मामित्र गुठबर्दू ने वीडियो जारी कर बताया कि हम कर्ज माफ, एमएसपी गारंटी कानून जारी करना, स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू कराने जैसी मांगों को लेकर किसान आंदोलन में शामिल होने के लिये बेंगलुरू-निजामुद्दीन (कर्नाटक संपर्क क्रांति) एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। इनमें 25 महिलाएं और 45 पुरुष सहित 70 लोग शामिल हैं। लेकिन दिल्लि जाने से इससे ही भोपाल स्टेशन पर हमें जर्बदस्ती उतारकर हिरासत में ले लिया गया। उनका कहना है कि पुलिस ने हमारे साथ बुरा व्यवहार किया इसमें हमारे साथ जा रही एक महिला घायल हो गई और एक किसान का मोबाइल गिर गया। बताया गया है, और हमें रात भर गंदगी में रखा गया। मिली जानकारी के मुताबिक घायल महिला राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा की कोर कमेटी के सीनियर मेंबर बी शांता कुमार की पत्नी है, जिन्हें ट्रेन में घसीटा गया है। उनके सिर में चोट लगने के कारण उन्हें देर रात इलाज के लिए जेपी हॉस्पिटल भेजा गया था, जहॉ से बाद में हमीदिया रैफर किया गया और उपचार के बाद उन्हें मैरिज गार्डन भेज दिया गया। बताया गया है की रविवार रात को भोपाल पुलिस को कर्नाटक एक्सप्रेस से दर्जनो किसानों आदोंलन में शामिल होने के लिये दिल्ली जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर भोपाल पुलिस ने जीआरपी टीम की मदद से कर्नाटक एक्सप्रेस से जा हरे किसानों और उनके साथ मौजूद महिलाओ को भोपाल रेलवे स्टेशन पर उतार कर हिरासत में ले लिया। बाद में इन सभी को मैरिज गार्डन में रखा गया। गौरतलब है की दिल्ली में किसान आंदोलन की घोषणा हरियाणा और पंजाब के किसान संगठनों ने की है। आंदोलन के दौरान दिल्ली की कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिये दिल्ली सरकार सभी तरह के कदम उठा रही है।

* किसानो के साथ आंतवादियो जैसा सलूक कर रही सरकार-यश भारतीय

किसानो को जर्बदस्ती ट्रैन से उतारकर बंधक बनाये जाने की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता यश भारतीय का कहना है, कि प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसानों के साथ ही महिलाओं को भी पुलिस द्वारा बलपूर्वक उतार कर बंधक बनाकर रखा गया है। उनके साथ आतंकवादियों अपराधियो जैसा सलूक किया जा रहा है। यश भारतीय ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बीते दिनों ही सरकार ने स्वामी नाथन और चौधरी चरणजीत जैसे नेताओं को भारत रत्न देने की घोषणा की है। दोनों नेताओं ने ही किसानो की जिंदगी बेहतर बनाने और उनकी समस्याओ के लिए जीवन भर संघर्ष किया है। ऐसे नेताओं को भारत रत्न देने के बाद केंद्र सरकार किसानों के साथ जैसा व्यवहार कर रही है उससे साफ होता है, कि किसानो या उनकी समस्याओं से भारत सरकार को कोई लेना-देना नहीं है, सरकार को मतलब है, तो केवल अपने वोट बैंक से और यह भारत रत्न किसानो की समस्याओं के लिए लड़ने या संघर्ष करने के लिए नहीं बल्कि वोट बैंक की राजनीति के चलते ही दिया गया है।

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