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चुनाव में भाजपा-कांग्रेस दोनों को बहुमत नहीं मिला तो क्या होगा?

बागी-निर्दलीय होंगे नई सरकार के अहम किरदार

भोपाल । मप्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे कल रविवार शाम तक आ जाएंगे और प्रदेश में भाजपा-कांग्रेस में से किसकी सरकार बनने जा रही है, यह भी साफ हो जाएगा। लेकिन मुकाबला कांटे का हुआ और दोनों पार्टियों में से किसी को बहुमत नहीं मिला, तो जीते निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों की नई सरकार के गठन में भूमिका बेहद अहम हो जाएगी। इसी के चलते भाजपा-कांग्रेस ने दमदार निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों पर अभी से डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। रणनीतिकारों ने अपने विधायकों को हार्स ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) से बचाने के प्लान पर काम शुरू कर दिया है।

हम बता दें कि कई एग्जिट पोल इस बार 4 से 8 सीटों पर निर्दलीय और दूसरे दलों के उम्मीदवारों के जीतने का अनुमान जता रहे हैं। राजनीतिक विज्ञानियों का कहना है इनमें ज्यादा संख्या भाजपा और कांग्रेस के उन बागी उम्मीदवारों की हो सकती है, जो टिकट न मिलने से नाराज होकर बागी हो गए थे और सपा, बसपा, आप और बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। बताते हैं कि दोनों पार्टियां इन जीते बागी एवं निर्दलीय विधायकों को अपने खेमे में लाने के प्रयासों में लग गई हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि यदि मुकाबला बेहद नजदीक रहा, तो हार्स ट्रेडिंग से बचाने कांग्रेस द्वारा अपने विधायकों को तत्काल बेंगलुरू (कर्नाटक) भी शिफ्ट किया जा सकता है। जहां अभी कांग्रेस की सरकार है। बताते हैं कि इसके लिए कांग्रेस हाईकमान ने कर्नाटक सरकार को अलर्ट रहने के लिए कहा है।

कमलनाथ-सुरजेवाला भोपाल पहुंचे

इधर कांग्रेस ने उम्मीदवारों को जीतते ही तत्काल भोपाल पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मतगणना से पहले शनिवार को कमलनाथ और मध्यप्रदेश के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भोपाल पहुंच गए हैं। दोनों नेताओं में मप्र में मोर्चा संभाल लिया। कई उम्मीदवार भी मतगणना से पहले प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और सुजरेवाला से मिलने भोपाल पहुंचे।

बागियों को मनाने में जुटी भाजपा

इसी तरह से भाजपा संगठन ने भी चुनाव के नतीजों की बाद की परिस्थितियों से निपटने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी ने अपने कुशल राजनीतिक प्रबंधकों (नेताओं) को मैदान में उतारने के साथ संगठन स्तर पर जीतने वाले बागी उम्मीदवारों और निर्दलियों से पार्टी में वापसी के लिए संपर्क-संवाद शुरू कर दिया है।

इन निर्दलीय उम्मीदवारों पर नजर

बताते हैं कि प्रदेश में दर्जनभर विधानसभा सीटें ऐसी है, जहां बागी एवं निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा और कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। कांग्रेस के बागियों में महू विधानसभा सीट से अंतर सिंह दरबार, आलोट से प्रेमचंद गुड्डू, गोटेगांव से शेखर चौधरी, सिवनी मालवा से ओम रघुवंशी, होशंगाबाद से भगवती चौरे, धार से कुलदीप सिंह बुंदेला, मल्हारगढ़ से श्यामलाल जोकचंद, बड़ऩगर से राजेंद्र सिंह सोलंकी, भोपाल उत्तर से नासिर इस्लाम और आमिर अकील चुनाव मैदान में निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं। इसी तरह से भाजपा में सीधी से केदारनाथ शुक्ल और बुरहानपुर से हर्षवर्धन सिंह चौहान ऐसे बड़े नाम हैं, जो निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

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