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ऑनलाइन लोन ठगी से पीड़ित ने पूरे परिवार के साथ की आत्महत्या

मासूम बच्चो को जहर देकर पति-पत्नि ने लगाई फांसी, मृतक के परिवार का न्यूड कर रहे थे वायरल
भोपाल । रातीबड़ थाना इलाके में स्थित नीलबड़ शिव विहार कॉलोनी में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां रहने वाले दंपत्ति ने पहले अपने दोनों मासूम बच्चों को कोल्डड्रिंक ने मिलाकर जहर पिलाया इसके बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को जॉच के दौरान उनके पास से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में उन्होंने सामूहिक खुदकुशी का कारण 17 लाख का लोन और लोन कंपनी द्वारा दबाव बनाने की बात लिखी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शिव विहार कॉलोनी नीलबड़ में रहने वाले 38 वर्षीय भूपेंद्र विश्वकर्मा के परिवार में पत्नि रितु विश्वकर्मा (34) और दो बेटे ऋषिराज और रितुराज थे। जानकारी के अनुसार भूपेंद्र ने अप्रैल माह में कोलंबिया की एक कंपनी में आनलाइन काम शुरू किया था। यह कंपनी टीआरपी बढ़ाने का काम करने का दावा करती है। काम शुरू करने के कुछ दिनो बाद तक भुपेंद्र को मुनाफा दिया गया। इसके बाद कंपनी ने भूपेंद्र को और अधिक रकम कमाने लालच देकर उनकी सारी पूंजी इन्वेस्ट करवा ली। इसके बाद एक एप के जरिये एग्रीमेंट करवाकर लोन भी दिलवा दिया। करीब 1 महीने पहले उनका एक्सीडेंट हो जाने पर उन्होंने काम छोड़ दिया था। इसके बाद कथित कंपनी 17 लाख रुपए मांगने लगी। भूपेंद्र ने जब मना किया तो तब ठगों ने जो उनके मोबाइल फोन और लैपटाप को हैक कर उनके निजी वीडियो, फोटो हासिल कर लिए और रकम न देने पर वो उनके परिवार के निजी फोटो उनके मोबाइल फोन में मौजूद कांटेक्टस को वायरल करने की धमकी देने लगे। आर्थिक हालत खराब होने के कारण भुपेंद्र लोन की रकम नहीं दे पा रहे थे। वहीं लोन कंपनी उन्हें लोन रिकवरी के लिए लगातार दबाव बना रही थी। कंपनी ने भूपेंद्र विश्वकर्मा के परिवार की निजी फोटो उनके मोबाइल फोन में मौजूद कांटेक्टस को भेज दिए। बताया गया है कि परेशान भुपेंद्र ने आत्महत्या से पहले परिवार के साथ एक सेल्फी लेकर रिश्तेदारों को भेज दी। इसके बाद दंपत्ति ने पहले अपने दोनों 8 साल और 3 साल के बच्चों को जहर पिलाया था। इसके बाद दोनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रिश्तेदारों ने भूपेंद्र को फोन कर संपर्क करना चाहा लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद रिश्तेदारों और पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची रातीबड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी शव पीएम के लिए भेज दिए हैं। पुलिस को मौके से जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें घर के बाकी सदस्यों से इस मृतक ने माफी मांगी है, और लिखा है कि शायद हमारे जाने के बाद सब अच्छा हो जाएगा, यह भी निवेदन किया गया है, कि हमारे जाने के बाद परिवार वालों को लोन के लिए परेशान न किया जाए। रिश्तेदारों या सहकर्मियों को भी परेशान न किए जाने का जिक्र है। घटना की जॉच के लिये आला अफसरो द्वारा एसआईटी का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की जांच करेगी। जानकारी के मुताबिक एडिशनल डीसीपी जोन-1 के नेतृत्व में गठित एसआईटी में एसीपी टीटी नगर, टीआई रातीबड़ है, वहीं टीम ने सहित साइबर क्राइम के इन्वेस्टिगेटर्स को भी शामिल किया जायेगा।

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