भोपाल। वन विभाग में लागू किया जा रहे निजीकरण (गुजरात मॉडल) के विरोध में वन समिति श्रमिकों एवं चौकीदारों ने कर्मचारी मंच के नेतृत्व में आज प्रदेश के मुख्य सचिव को मंत्रालय में ज्ञापन सोपा । वन समिति के श्रमिक एवं चौकीदार वन विभाग में लागू किया जा रहे निजीकरण के विरोध में पिछले 25 दिन से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं वन समिति के श्रमिक एवं चौकीदार निजीकरण (गुजरात मॉडल) के विरोध में भोपाल में प्रदर्शन के बाद लोकसभा की दमोह सतना रीवा खजुराहो टीकमगढ़ होशंगाबाद सीधी बालाघाट जबलपुर छिंदवाड़ा शहडोल मंडला मैं हजारों की संख्या में परिवार सहित मतदान का बहिष्कार कर चुके हैं।
मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच वन विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि वन समिति के श्रमिकों एवं चौकीदारों मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपने के बाद निर्णय लिया है कि निजीकरण (गुजरात मॉडल) के विरोध में लोकसभा चुनाव के अगले दो चरणों में भी परिवार सहित मतदान का बहिष्कार किया जाएगा वन समिति श्रमिकों एवं चौकीदारों ने शासन पर आरोप लगाया कि श्रमिकों के रोजगार को छिनने लिए शासन द्वारा वन विभाग में निजीकरण (गुजरातमॉडल) लागू किया जा रहा है निजीकरण लागू होने से वन विभाग के पर्यावरण इकोसिस्टम वन प्राणियों की सुरक्षा वनोंपज की सुरक्षा प्रभावित होगी वन समिति के श्रमिकों एवं चौकीदारों को काम छोड़कर पलायन करना पड़ेगा वन विभाग में निजीकरण लागू करने का प्रदेश का आदिवासी वर्ग भी खुलकर विरोध कर रहा है और अगले लोकसभा चुनाव के दो चरणों में आदिवासी वर्ग भी वन समिति श्रमिकों के साथ मतदान का बहिष्कार कर शासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराएगा वन समिति के श्रमिकों एवं चौकीदारों के आंदोलन का जनमानस भी समर्थन कर रहा है वन समिति के हजारों श्रमिक एवं चौकीदार चरणबद्ध आंदोलन करके शासन के सामने अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं तथा वन विभाग में लागू किया जा रहे निजीकरण को वापस लेने की पुरजोर मांग शासन से कर रहे है वन समिति के श्रमिक एवं चौकीदारों का वन विभाग में लागू किया जा रहे निजीकरण के विरोध में चरण बध्द आंदोलन निरंतर जारी रहेगा जब तक निजीकरण करने का आदेश शासन वापस नहीं लेगा तब तक वन समिति के श्रमिक एवं चौकीदार अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे।



