State

नर्सिंग घोटाले का मुद्दा सर्वोच्च अदालत में: व्हिसलब्लोअर रवि परमार दायर करेंगे याचिका

भोपाल: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज महाघोटाले का मामला अब सर्वोच्च अदालत में गूंजेगा। नर्सिंग कॉलेज घोटाले के शिकायतकर्ता और NSUI नेता रवि परमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर ली है।

परमार की मांग

रवि परमार ने कहा कि वे उन नर्सिंग कॉलेजों को भी सीबीआई जांच के दायरे में लाने की मांग करेंगे जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर राहत दी थी। परमार का कहना है कि मप्र में नर्सिंग घोटाले की वजह से लाखों नर्सिंग छात्र-छात्राओं का भविष्य बर्बाद हुआ है।

जांच की कमियां

परमार ने बताया कि ग्वालियर हाईकोर्ट ने अप्रैल 2023 में सीबीआई को 364 नर्सिंग कॉलेजों की जांच करने का आदेश दिया था, लेकिन 56 नर्सिंग कॉलेज सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले आए थे। सीबीआई ने शेष 308 नर्सिंग कॉलेजों की जांच कर रिपोर्ट को तीन श्रेणियों में विभाजित किया: 169 सूटेबल, 73 डिफिसेंट और 66 अनसूटेबल। परमार का दावा है कि सीबीआई ने फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की थी, जिसका खुलासा हो चुका है।

सुप्रीम कोर्ट की तैयारी

रवि परमार ने अपने अधिवक्ता के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट के स्टे और कॉलेजों की निरीक्षण रिपोर्ट का परीक्षण किया है। वे सर्वोच्च न्यायालय में उन कमियों को पेश करेंगे और सीबीआई जांच पर लगी रोक को हटाने की मांग करेंगे।

निष्पक्ष जांच की आवश्यकता

परमार ने जोर दिया कि जब मप्र में नर्सिंग कॉलेज महाघोटाला उजागर हो चुका है, तो सभी नर्सिंग कॉलेजों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और वे इस मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
इस महत्वपूर्ण कदम से मप्र के नर्सिंग कॉलेज महाघोटाले की निष्पक्ष जांच का मार्ग प्रशस्त होगा।

Related Articles